नशा मुक्ति अभियान प्रारंभ

जनपद सीतापुर ब्लॉक रामपुर मथुरा के ग्राम पंचायत पारा रमनगरा के युवाओं द्वारा ग्राम पंचायत नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत अखण्ड ज्योति सेवा संस्थान के प्रतिनिधित्व में की गई।  अभियान के पहले चरण में ग्राम पंचायत के करीब  136 व्यक्तियों ने भाग लिया। जिसमें करीब 36 लोगों ने पूर्ण रूप से नशा छोड़ने का संकल्प लिया व भविष्य नशा न करने का निश्चय किया। जबकि अन्य 100 लोगों ने भी  नशा छोड़ने का प्रयास करने का आश्वान दिया।इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य अधिकारी दीपक भदौरिया व संस्था के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

मंथन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया द्वारा नई दिल्ली में सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित

संस्था मंथन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया द्वारा 14 जून 2018 को शाम 4 बजे आर्य समाज मन्दिर लाजपत नगर नई दिल्ली में सम्मान समारोह कार्यक्रम में सभा संस्था के संस्थापक श्री सुशील कुमार जी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष / चेअरमैन श्री राजिंदर कपूर जी व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष / उपाध्यक्ष  श्री योगेन्द्र कुमार जी की अध्यक्षता में आयोजित की गयी | इस कार्यक्रम को  सुचारूरूप से प्रतिपादन करने में संस्था की प्रेरणास्रोत राष्ट्रीय सचिव अनीता राज जी के अमूल्य सहयोग एवं मार्गदर्शन में हुआ | कार्यक्रम के मुख्य अतिथि SBI बैंक लाजपत नगर लक्ष्मी नारायण जिलोवा (सहायक महाप्रबंधक) उनकी पत्नी मधू शर्मा जी , दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रचना कालरा जी, सचिव रचना चड्डा जी , उत्तर प्रदेश के चेअरमैन राजीव कुमार वर्मा जी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ अभियान की आवश्यकता एवं अच्छे से अच्छा कार्य करने की प्रेणना दी और सार्थकता पर अपने विचार ब्यक्त किये | संस्था के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष / उपाध्यक्ष श्री योगेन्द्र कुमार जी ने शौर्यगाथा का गुणगान किया | इस अवसर पर संस्था के राष्ट्रीय कोर्डिनेटर राहुल जैन जी , श्री अमित शर्मा मिडिया प्रभारी , श्री जुगलकिशोर राष्ट्रीय सलाहकार, दिनेश पटेल अध्यक्ष त्रिलोकपुरी ,संजय चावला  राष्ट्रीय प्रोजेक्ट डारेक्टर, सुनीता छुगानी समन्वयक  ईस्ट दिल्ली , नीतू , आनंद परिसर, सतीशचन्द्र, पूनम सिंह  आदि लोगो को फूलोँ के बुक्के व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया और लोगो ने अपने अपने विचार ब्यक्त किये | इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के टीम की मुख्य भूमिका रही |

Weekend Food Distribution by Impetus NGO in Udaipur

Impetus (NGO) does regular weekend food distribution for the needy in and around Udaipur. They travel in two wheeler with the food packets and distribute it among the people they meet near roadsides.

Food distribution is carried out by team IMPETUS on regular basis since the past 41 Sundays, around 10 months. A minimum of 50 packets are distributed weekly, which may at times go up to 100 -150 food packets depending upon the sponsors.

Impetus has kept this activity so transparent that the complete amount donated for this purpose is used for feeding the poor. They believe that true happiness is bringing smile to those faces who wouldn’t have managed that curve on their face otherwise, due to their unfortunate circumstances.

‘तीस्ता सीतलवाड़ ने एनजीओ को मिले पैसे को शराब में लुटाया’

तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और उन्हें फंड दुरुपयोग मामले में ट्रायल का सामना करना पड़ेगा। इससे पहले गुजरात सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उन्होंने एनजीओ को मिले पैसे का इस्तेमाल शराब में लुटा दिया।
जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस ए.एम.खानविलकर की पीठ तीस्ता और उनके पति के बैंक खातों को फ्रीज करने के मामले में सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान एडीशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि तीस्ता ने एनजीओ के पैसे का इस्तेमाल अपने निजी खर्चों और शराब पर किया।

गुजरात सरकार के वकील मेहता ने कहा कि तीस्ता ने शराब पर किए खर्चों को धर्मनिरपेक्ष शिक्षा की श्रेणी में दिखाया। सरकारी वकील ने कोर्ट से तीस्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की इजाजत मांगी। वहीं तीस्ता के वकील कपिल सिब्बल और अपर्णा भट्ट ने कहा कि तीस्ता की छवि खराब करने के लिए शराब सेवन का मुद्दा उठाया जा रहा है।

सिब्बल ने कहा कि फोर्ड फाउंडेशन ने शराब सहित सभी व्ययों को मंजूरी दी है। पिछले 7 सालों में शराब पर केवल 7,850 रूपये खर्च किये गये जोकि कोई अपराध नहीं है। सिब्बल ने यह भी कहा कि जब फाउंडेशन ने कोई शिकायत नहीं की तो अपराध का सवाल ही नहीं उठता। सिब्बल ने तीस्ता का बचाव करते हुए यह भी कहा कि तीस्ता ने किसी के साथ धोखा नहीं किया। तीस्ता को पैसे सरकार ने नहीं बल्कि फाउंडेशन ने दिए थे। और अपने काम के लिए लोगों से मिलना और उनके सत्कार के लिए पैसा खर्च करना गलत नहीं हैं।
(Source: http://www.amarujala.com)