नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक का लोकार्पणu

23 जनवरी 2018 को नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी की जयंती के अवसर पर व्रक्षारोपन के कार्यक्रम के साथ नाईपुर, लोनी, गाजियाबाद में नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक का लोकार्पण किया गया।इसका लोकार्पण नगरपालिका अध्यक्षया के द्वारा किया गया। इस मौके पर लोनी के SDM साहब भी उपस्थित रहे, उन्होंने आर्य मित्र राष्ट्र सेवा संस्थान की टीम को वृक्षारोपण व शहीदो के नाम पर चौराहों के नाम रखने के लिए बधाई दी। और सभी को स्वच्छता अभियान से जुडने को कहा ताकि लोनी स्वच्छ हो सके।

कार्यक्रम का आयोजन – आर्य मित्र राष्ट्र सेवा संस्थान लोनी द्वारा किया गया।

 

women’s products in Lucknow mahotsav

women’s self help group products Stall organised by Ashanand Welfare Society Sultanpur UP at Lucknow Mahotsav 2018 sponsored by NABARD Lucknow. Products are made in villages by women’s of shg’ s like Kohdauri, Bari, ACHAR, Daliya, Aanwla products also Khatri, compost khad etc.

बापू की याद में बच्चों ने निकली जागरूकता रैली

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी की याद में इप्सिता वेलफेयर सोसाइटी ने ग्राम -मुड़हुआ(उत्तरी), जिला -चंदौली में बच्चों ने न सिर्फ बापू जैसी वेशभूषा बनायी बल्कि उनके विचारों आदर्शों को जनमानस तक पहुँचाने हेतु रैली भी निकाली l बच्चों ने इस रैली के दौरान बापू के आदर्शों पर चलने की बात जन जन तक नारों व कविताओं के माध्यम से पहुंचाई |बच्चों ने लोगों से अनुरोध किया की जातिवाद को छोड़ आपस में भाईचारा को अपनाये और देश के विकास में अपना सफल योगदान दें |

वे कहते हैं, ‘लड़कियों को आपकी दया नहीं, सेनेटरी पैड चाहिए’

हमारे देश में 70 % महिलाएं ऐसी हैं जो कि सेनेटरी पैड अफोर्ड नहीं कर सकतीं. माहवारी में वे कपड़े का उपयोग करने के लिए मजबूर हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिहाज से किसी भी तरह ठीक नहीं. किसी समाज की छवि इससे बदसूरत क्या होगी, जिसमें महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के लिए प्राथमिक ज़रुरतें भी मुहैया नहीं है. यहां तक कि सरकार भी GST लगाने से नहीं कतराती. तो फिर किसको फिक्र है इन महिलाओं की? शुक्र है कुछ ऐसे लोग अब भी बाकी हैं.

इन्हीं में से एक नाम है जयपुर में रहने वाले श्याम जैन का. श्याम पेशे अकाउंटेंट हैं. वे पिछले ग्यारह सालों से महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काम कर रहे हैं. उन्हें जब भी मौका मिलता तो किसी एनजीओ के साथ मिलकर मदद करने लगते. जब उन्हें लगा कि ये प्रयास काफी नहीं तो उन्होंने इस काम को अपने बूते करने की ठानी. हाल ही में उन्होंने जीवन अर्थ नाम की फाउंडेशन के ज़रिए उन सभी महिलाओं की मदद करने की ठानी है जो सेनेटरी पैड्स का खर्चा नहीं उठा सकतीं. उन्होंने इस मुहिम के पहले राउंड में एक लाख सेनेटरी पैड्स बांटने का लक्ष्य रखा है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है.

श्याम बताते हैं “कि परिवार में बचपन से ही ज़रुरतमंदों की मदद करने की सीख मिली. जब पिताजी का स्वर्गवास हुआ तो घर की सारी जिम्मेदारी मुझ पर आ गई. छह बहनों की शादी के बाद आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं थी कि किसी की मदद कर सकूं, लेकिन पत्नी और मां ने मेरा हौसला बढ़ाया. एक दिन एनजीओ के लिए काम करने के दौरान मेडिकल कैंप में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी बातें सामने आई कि दिल दहल गया. कई महिलाएं पीरिड्स के दौरान कपड़े में रेत भरकर इस्तेमाल कर रही थीं. उनके पति उन्हें इस दौरान भी शारीरिक संबंध बनाने के लिए ज़ोर देते और उनसे ढेर सारा काम करवाते, जिसकी वजह से कई महिलाएं यूटरस कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो गईं.”

इसके बाद शुरू हुआ उनके सपनों का सफर. श्याम कहते हैं कि “इस बार एक लाख पैड्स बांटने के लिए हमने स्लम एरिया, आंगनबाड़ी और सरकारी स्कूल चुने हैं, लेकिन लक्ष्य इससे कहीं ज्यादा बड़ा है. मैं ज़रुरतमंद महिलाओं को सारी जिंदगी इस सेवा को निशुल्क देने के लिए तैयार हूं. पैड्स बांटने के अलावा हम इन महिलाओं को हाइजीन के लिए जागरूक भी कर रहे हैं. साथ ही मासिक धर्म से जुड़े मिथक को समाज से दूर करना हमारे लक्ष्य में शामिल है. महिलाओं को दरअसल किसी की दया नहीं, बल्कि सेनेटरी पैड की जरूरत है.”

इस मुहिम की खास बात ये है कि जीवन अर्थ टीम किशोर युवकों की मासिक धर्म के बारे में काउंसलिंग कर रहे हैं. टीम की सदस्य ईशू सैनी का कहना है ” महिलाएं अक्सर इस बात से परेशान रहती हैं कि उनके पति या घर के मर्द शारीरिक और मानसिक तौर पर उन्हें सपोर्ट नहीं करते. किशोरावस्था में उन्हें इस प्रक्रिया की जानकारी देना आसान होता है. इस उम्र में वे महिलाओं को होने वाली इस समस्या को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं”

श्याम की इस पहल से 100 प्रतिशत महिलाओं को तो ये सुविधा नहीं मिल पाएगी लेकिन जितनी भी महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य मिलेगा, वो कम बड़ी बात नहीं. श्याम जैसे मुठ्ठीभर लोग भी इस समाज की सूरत बदलने के लिए काफी है.

ISDM partners with India Leaders for Social Sector (ILSS) to empower leadership talent for transforming India

PRESS RELEASE 

ISDM partners with India Leaders for Social Sector (ILSS) to empower leadership talent for transforming India

~ ILSS’s flagship 9-day Leadership Programme is for senior leaders who aspire to take their next role in development space~

 ~ Senior leaders of top corporate houses, armed forces, government services, etc. have the skills needed to address the issues plaguing the country today~

 New Delhi; 25.01.18: The Indian School of Development Management (ISDM) and India Leaders for Social Sector (ILSS) are offering the country’s first of its kind 9-day Leadership Programme, aimed at inspiring, empowering and enabling great minds and talented leaders of the country to play a vital leadership role in the development sector. The programme offers a unique engagement platform for senior leaders to interact with the stalwarts of the social sector.

The talent in the senior leadership of top corporate houses, defence forces, government services etc. has the necessary skills and expertise to address the issues plaguing the country. Having gathered years of experience in strategic problem solving, results- orientation and talent management, these leaders, given the right platform and support, can do wonders for the country’s development. India Leaders for Social Sector (ILSS) intends to achieve this through their flagship programme.

India Leaders for Social Sector (ILSS) is an initiative by Central Square Foundation (CSF), in partnership with the Indian School of Development Management (ISDM), to build and nurture senior leadership talent for the social sector. ISDM is established with the vision to create a vibrant and catalytic ecosystem for Development Management and Leadership.

Talking about the collaboration with ILSS, Gaurav Shah, Founder and Director, ISDM said, “Social sector in the country is witnessing an unprecedented growth and demands for high-quality leadership to take it to the next level. We are confident that our collaboration with Central Square Foundation (CSF) for this unique ILSS Leadership Programme will pave the way for impactful leadership roles in reforming India.”

Addressing the need for this programme, Ashish Dhawan, Founder and Chairman, Central Square Foundation said, “ILSS is designed to benefit the best minds out there who want to make a difference and are passionate about driving change. By identifying possibilities, challenges and rewards of the social sector, the ILSS platform endeavors to create an informed movement of leadership talent for the sector.”

This programme is a unique opportunity for senior professionals who are keen to build and run social organizations that can make an impact, interested in developing realistic perspectives of the development sector, identifying the right organisation to get associated with and are keen to connect with like-minded individuals committed to the development of the nation. It is a good starting point for anyone looking for a career where they can make a difference in the society. The inaugural batch of India Leaders for Social Sector is all set to begin on 26th January 2018, at the state-of-the-art Ashoka University campus.

 

Talking about the leaders selected who are a part of the inaugural batch, Anu Prasad, Founder of ILSS, said, “The ILSS leadership, represent a milestone and a leap of hope. We hope they will be the pioneers who will lead and inspire others to follow in their footsteps. ILSS is committed to supporting their journey into the social development space.”

The first cohort of ILSS will get an opportunity to interact with many influencers from the social development space. Shri Anil Swarup, Secretary, Department of School Education & Literacy, who is spearheading the collaborative approach of improving education in India, is going to address senior leaders during this 9-day Leadership Program. Shridhar Venkat, CEO of The Akshaya Patra Foundation will share how Akshaya Patra scaled to achieve impact through its implementation of the Mid-Day Meal Scheme across 12 states in India. Some of the other guests who would engage with the cohort through this unique platform are Harsh Mander (Director of Centre for Equity) , A.K. Shivakumar (Senior Policy Advisor, UNICEF & Co-Chair of Know Violence in Childhood), Debasish Mitter (Country Director-Michael & Susan Dell Foundation), P.R. Ganapathy (President at Villgro Innovations Fund & Co-Founder of Menterra Social Impact Fund), Urvashi Butalia (Founder, Zubaan Books), Kamla Bhasin (Social Scientist & Advisor, Sangat & JAGORI) and Sanjay Purohit ( Strategic Advisor for EkStep Foundation & eGovernments Foundation) among others.

About ISDM:

ISDM http://www.isdm.org.in/  is a pioneering institution established with the vision to create a vibrant and catalytic ecosystem for Development Management and Leadership. Fueled by a huge knowledge base and supported by veterans and experienced faculties, ISDM is dedicated towards creating a generation of enthusiastic leaders who can help development organisations to achieve each milestone with more efficiency.

The school aims to facilitate the creation of a cadre of professional leaders and managers for the development sector. These professional leaders and managers will make a significant difference to the impact, scale and sustainability of organizations working for the betterment of society and especially improving the quality of life of the underserved.

महिलाओं को निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण

जीवन ज्योति शिक्षा प्रशिक्षण सस्थान द्वारा महिलाओं कों निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण
जीवन ज्योति शिक्षा पं्रशिक्षण संस्थान तहसील स्वार जनपद रामपुर (उ0प्र0) द्वारा बिगत 3 माह से एक सौ महिलाओं एवं युवतियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है यह प्रशिक्षण एक नवम्बर 2017 से प्रारम्भ होकर 31 जनवरी 2018 को सामप्न होगा यह प्रशिक्षण नगर की गरीब महिलाओ एवं युवितायों को दिया जा रहा हेै प्रशिक्षण का उददेश्य है कि बेसहरा एवं बेरोजगार महिलाओं एवं युवतियों को प्रशिक्षण देकर उनको रोजगार उपलब्ध कराना है प्रशिक्षण मानसी सिंह के द्वारा दिया जा रहा है प्रशिक्षका मानसी सिंह ने बाताया कि सभी लाभार्थी उत्तम प्रकार से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है मुख्य रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करने वालो में बेबी निशा मुस्कान सदफ मेमुना मेहरीन खान पूनम श्रेया सरस्वती खुशी चोहान आदि शमिल है संस्थान के प्रबन्धक पुष्पेन्द्र कुमार ने कहा कि यदि संस्थान को सरकार द्वारा अथवा अन्य किसी स्रोत से आर्थिक सहयता उपलब्ध होती है तो भविष्य में भी समाज के लिए ऐसी कल्याण कारी योजनाये संस्थान द्वारा गाति मान रहेगी।

Training on basic health and hygiene – Conducted by Unnayan Welfare Trust at Palpara, West Bengal

Today Unnayan Welfare Trust has organised a training session of 60 kids and their mothers at Jangalgram, near Palpara, Nadia, West Bengal, on the importance of health and hygiene in our daily life. The training was well accepted and acclaimed by all the attendees. The training majorly focussed on how they can keep themselves and their surroundings clean so that they can avoid breeding mosquitoes around their premises, maintain their personal hygiene to avoid illness and stay healthy.

The program was presided by Unnayan’s president Mr Sanjeev Biswas, also present were other directors of Unnayan Mr Nitai Das, Mr Apurba Das, Mrs Reena Bhowmick, Mr Kamal Das, Mr Krishna Pada Das, Mr Sudip Poddar and Mr Sanjiv Biswas. Mr Nirmal Kr Bhadra a local resident active in social service was invited as special guest.

The kids also participated in a small cultural function followed by an informative video  on personal health and hygiene. At the end of the program every member was presented a free handwash for them to practice personal hygiene at their homes.

मलिन बस्ती में स्वच्छता को बढ़ावा देने जागरूकता रैली आयोजित

दिल्ली| आरोह फाउंडेशन द्वारा ‘पढ़ो और बढ़ो’ परियोजना  के तहत नामांकित 50 वंचित बच्चों के माध्यम से दल्लूपुरा की मलिन बस्ती  में स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक जागरूकता  रैली का आयोजन किया गया। बच्चों ने दल्लूपुरा समुदाय में स्वच्छता को प्रोत्साहित करने के लिए  तख्तियां लेकर नारे लगाए और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण होने वाली विभिन्न  ख़तरनाक बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक किया।

रैली में बच्चों का मनोबल बढ़ाने के लिए आरोह फाउंडेशन की  संस्थापक नीलम गुप्ता, प्रबंधन स्टाफ और  बच्चों के परिवार के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की। संस्था अपनी परियोजनाओं जैसे-‘पढ़ो और बढ़ो’, ‘गरिमा’ के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को नि:शुल्क शिक्षा, कौशल विकास, आजीविका के अवसर, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ, गैर-शैक्षिक अवसर एवं नवीन शिक्षण पद्धतियां प्रदान कर उनके विकास में उत्प्रेरक रही है तथा उन लोगों को संसाधनों के रूप में सशक्त बनाने में विश्वास रखती है। इसी मिशन पर कार्य करते हुए, संस्था समस्त भारत के 18 विभिन्न राज्यों में कौशल विकास, समग्र ग्राम विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ भारत मिशन, स्थिरता और महिला सशक्तिकरण आदि में सक्रिय है। जिसके माध्यम से लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर लोगों को गंदगी के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने और अपने देश को बेहतर निवास बनाने की शपथ ली गई।

विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस व संविधान दिवस के अवसर पर काव्य संगोष्ठी

टाकरवाड़ा कोटा (राजस्थान) में विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस व संविधान दिवस के सुअवसर पर नव भारत निर्माण युवा संगठन के तत्वावधान में महर्षि वाल्मीकि विद्या मन्दिर में आंचलिक रचनाकारों की एक काव्य गोष्ठी आयोजित की गई| गोष्ठी की अध्यक्षता श्री सुरेश कुमार मीणा (अध्यक्ष -नव भारत निर्माण युवा संगठन) ने की| विशिष्ट अतिथि श्री ओमप्रकाश चक्रवर्ती, श्री मोहन लाल मालव, श्री वीरेन्द्र कुमार गोचर (महासचिव -नव भारत निर्माण युवा संगठन) एवं पं. श्री राघवेन्द्र थे|
अध्यक्ष व अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती का पूजन -अर्चन किया गया| कवि श्री जगदीश भारती की सरस्वती वंदना से हुई|
श्री मुकुट बिहारी मीणा ने भाई -बहिन के पवित्र प्रेम पर एक भावपूर्ण हाडौती रचना सुनाई-“बीरा म्हारा क्हीज्यों रै सबसूं राम राम|”श्री महेश चौबे इलाहाबादी ने -“वृक्ष जीवन के आधार “तथा शिवनारायण गुप्ता महौली ने -“प्यारा हिन्दुस्तान “प्रस्तुत की| कवि परमानन्द गोस्वामी ने किसान की आशा की केन्द्र काली -घटा को मेहमान के रूप में पढ़ी -“उठ उठ री कलायण म्हारे फावणी आजा… |”कवि श्री जगदीश भारती ने एक हिन्दी रचना -“सत्य अंहिसा की रक्षा में दुःख दरिया बन बह लेंगे “तथा एक हाडौती व्यंग्य सामाजिक विषमता पर पढ़ी-“मंदर की डोरो तो म्हारा हाथ को बंध्यो.. .वाह जी वाह| “कवि व टिप्पणीकार श्री महावीर प्रसाद मालव ने समाज, धर्म, श्रोताओं व रचनाकारों से दाद बटोरी| कवि श्री आर सी आदित्य ने राष्ट्रीय चेतना से ओतप्रोत ओजस्वी स्वर में छन्द सुनाए-“कुर्बान हुए वीर सैनिकों का हौसला बढाईए एक बार जंग आर पार की कराईए| “कवि श्री देवकी दर्पण हाडौती गजल -“बात पराणी पाका हांडा गार न्ह लागी. ..”पढ़ी| कवि श्री लटूर लाल मेहर ने स्वस्थ आदर्श व लाजवाब श्रृंगार गीत सुनाकर मंत्रमुग्ध किया -“म्हा भटकां तो भी खटकां. …”तथा”चूडला की चूंपा मं पीव दरस कर आवै जीव, साजन म्हारै आवै रै प्यारा फावणा… |”कवि साहित्यकार श्री सी.एल.साँखला ने समसामयिक दोहे तथा ‘पिता’ पर केन्द्रित कविता पढ़ी -“पिता टूटने नहीं देता ,बच्चों की आशाएँ, रखता है जीवन्त पिता होता है परमपिता. …|”
इस अवसर पर वरिष्ठ कवि स्व. लक्ष्मीनारायण मालव जी की चंद हाडौती गीत रचनाएँ भी श्री देवकी दर्पण व श्री महावीर प्रसाद मालव के स्वर में प्रस्तुत कर पावन स्मृतियों को जीवन्त किया| श्री मुकुट बिहारी मालव ने स्व. लक्ष्मीनारायण मालव स्मृति समारोह की भावी योजनाओं की जानकारी दी|
इस अवसर पर श्री अटल बिहारी सैनी (उपाध्यक्ष -नव भारत निर्माण युवा संगठन) ,श्री अशोक मालव (सचिव -नव भारत निर्माण युवा संगठन) ,श्री बाबू लाल मालव (महामंत्री -नव भारत निर्माण युवा संगठन) ,श्री राकेश गोचर, श्री श्याम सेन, श्री कपिल गोचर, श्री कन्हैया लाल गोचर, श्री मुनेश मालव, श्री शुभम सैनी व ग्रामीण उपस्थित थे| कार्यक्रम अध्यक्ष श्री सुरेश कुमार मीणा ने साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की महत्ती आवश्यकता व्यक्त करते हुए आश्वस्त भी किया| अंत में उन्होने सभी रचनाकारों व ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया|

डायरिया निमोनिया जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

बिहपुर/नवगछिया| बाल संरक्षण सप्ताह के अवसर पर शिव प्राण मैटी मिशन ऑफ इंडिया के द्वारा बिहपुर प्रखण्ड के मध्य विद्यालय जमालपुर के प्रांगण में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर डायरिया एवं निमोनिया से बचाव विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को किया गया.

कार्यशाला की शुरुआत मिशन सचिव डॉ सुभाष कुमार विद्यार्थी, कार्यक्रम समन्वयक डॉ सुबोध मिश्रा, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिका रंजना भारती, आंगनवाड़ी सेविका नीलम कुमारी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई. इस अवसर पर मिशन सचिव डॉ विद्यार्थी ने कहा कि आज के बच्चे ही कल के भविष्य है. बच्चे ही हमारे देश के योग्य नागरिक बन राष्ट्र को सशक्त  बनाएगा इसलिए बच्चे को स्वस्थ रखने की अति आवश्यकता है. बच्चे को कई तरह की जानलेवा बीमारी डायरिया, निमोनिया आदि ग्रसित कर लेता है इससे बचाने के लिए स्वच्छता पर पूरा ध्यान देते हुए उचित ईलाज कराना चाहिए. रंजना भारती ने कहा कि बाल संरक्षण के लिए मिशन के द्वारा किये जा रहे प्रयास काफी प्रशंसनीय है. इन्होंने उपस्थित महिलाओ को कहा कि मिशन के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को ठीक ढंग से सुने एवं बताए जा रहे बातों पर ध्यान देकर बच्चे को स्वस्थ रखें. कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिश्रा के द्वारा उपस्थित करीब 30 महिलाओ को बच्चे में होने वाली डायरिया एवं निमोनिया जैसी  घातक बीमारी से बचाव के बारे में सविस्तार बताया गया. इस अवसर पर नवगछिया अनुमंडलीय कार्यक्रम पर्यवेक्षक सह लाइव नारायणपुर वेब न्यूज़ के संपादक पुष्पराज कुमार भी उपस्थित रहे.

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