पर्यावरण की रक्षा में हुआ शँखनाद – राकेश मिश्रा

राजस्थान प्रदेश में जयपुर जिले की विराटनगर तहसील के रहने वाले तीस वर्षीय युवा ने ना सिर्फ सवा लाख पेड़ लगाए बल्कि अपने इस संघर्षमयी संकल्प में लाखों लोगों को जागरूक किया……क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक इंसान,जिसने अपना घर इसलिये छोड़ दिया हो ताकि वो दुनिया को हरा भरा कर सके,
उस इंसान ने तय किया है कि वो तब तक नये कपड़े नहीं पहनेगा और नंगे पैर रहेगा जब तक वो सवा लाख पेड़ नहीं लगा लेता,हवा को सांस लेने लायक बनाने के लिये उस इंसान ने अपनी गाड़ी और दूसरा बहुमूल्य सामान तक बेच दिया हो…. ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिये दुनिया के सभी देश पेरिस समझौता लागू करने पर जोर दे रहे हैं,लेकिन वो इंसान अकेला ही इस समस्या से निपटने के लिये बीते साल 10 फरवरी 2016 से पेड़ लगाने में जुटा हुआ है,राजस्थान के जयपुर शहर के विराटनगर कस्बे में रहने वाले 30 वर्षीय राकेश मिश्रा अब तक करीब 1 लाख 62 हजार पेड़ लगा चुके हैं।

इसके अलावा मिश्रा अपनी संस्था ‘नया सवेरा संस्था’ के जरिये महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ साथ गरीब बच्चों को शिक्षित बनाने का काम कर रहे हैं,राकेश को समाज सेवा की प्रेरणा अपने दादाजी श्री रामेश्वर प्रसाद मिश्रा जी से विरासत में मिली।वो खुद एक UDC कलर्क थे साथ ही समाजसेवक भी।
जो बचपन से ही राकेश को सामाजिक परेशानियों और उनके कारणों के बारे में जानकारी देते रहते थे।इस वजह से बचपन से ही राकेश का रूझान समाजसेवा की ओर हो गया।
जिसके बाद साल 2002 में उन्होने ‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera Sanstha) नाम से एक स्वंय सेवी संस्था की स्थापना की।

उन्होने अपने काम की शुरूआत पोलियो मुक्त अभियान (Polio free campaign) के साथ की। इस अभियान के तहत वो नुक्कड़ नाटकों के जरिये लोगों को पोलियो के खिलाफ जागरूक करते थे लेकिन पेड़ लगाने (tree plantation) का ख्याल उनको गाँवों में पहाड़ों से लकड़ियाँ काट कर ला रही महिलाओं को देखकर हुआ की एक दिन सारे पेड़ कट जायेंगे तो विनाश हो जायेगा तब दिमाग में आया की अब पर्यावरण के लिए कुछ ऐसा करना है जो किसी ने ना किया हो,तब उन्होने महसूस किया कि पर्यावरण में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है और इसके लिये दिनों दिन कम होते पेड़ जिम्मेदार हैं साथ ही लोग भी जागरूक नहीं हैं।जिसके बाद उन्होने तय किया कि वो अकेले ही पेड़ लगाने का काम करेंगे साथ ही लोगों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक (environmental awareness) करेंगे।इस तरह उन्होने 10 फरवरी 2016 से पेड़ लगाने की मुहिम को शुरू किया साथ ही उन्होने चार संकल्प लिये। राकेश मिश्रा (Rakesh Mishra) के मुताबिक लिए गए संकल्प…..

जब तक मैं सवा लाख पेड़ नहीं लगा लेता तब तक-
*मैं अपने घर नहीं जाऊंगा?*
*नंगे पैर रहूंगा?*
*दिन में एक बार भोजन करूंगा?*
*नये कपड़े नहीं पहनूंगा और?*

उन्होंने ऐसा सिर्फ पर्यावरण के लिए लोगों को जागरूक करके वृक्ष लगाने और उनकी जिम्मेदारी निभाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया,राकेश ने पहले चरण में पेड़ लगाने की शुरूआत अपनी संस्था ‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera Sanstha) के तहत विराटनगर से शुरू की।उनकी इस मुहिम में अब राजस्थान के अलावा हरियाणा,दिल्ली,उत्तरप्रदेश,महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश,उत्तराखण्ड,गुजरात,असम,उड़ीसा,के लोग भी शामिल हुए हैं,
अब तक वो कुल 1 लाख 62 हजार पेड़ लगा चुके हैं।राकेश मिश्रा ने केवल सवा लाख पेड़ लगाने का ही लक्ष्य नहीं रखा है बल्कि उन पेड़ों की देखभाल का भी जिम्मा भी उठाया और ऐसी जगह पर वृक्षारोपण किया जो उन वृक्षों को पालने की जिम्मेदारी ले सकें।हालांकि उनके इस काम में अब
‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera) के सदस्य भी उनकी मदद कर रहे हैं,जिनमें संस्था की निदेशिका व राष्ट्रीय सचिव माण्डवी मिश्रा का भरपूर सहयोग मिला है माण्डवी मिश्रा उत्तरप्रदेश में रायबरेली जिले की रहने वाली और अभी लॉ स्टूडेंट हैं माण्डवी मिश्रा नया सवेरा संस्था की निदेशिका होने के साथ साथ सामाजिक कार्यों में भी अपनी रूचि रखती हैं,माण्डवी मिश्रा अपनी राष्ट्र भाषा हिन्दी के सम्मान में स्व लिखित कविताओं के माध्यम से मातृ भाषा का प्रचार प्रसार कर रही हैं,संविधान को सरल भाषा में कविता के माध्यम से आम जनता को परिचित कराने का कार्य बखूबी से निभा रही हैं,नारी शोषण के विरूद्ध आवाज उठाती है एवं नारी शक्ति को स्वावलंबन बनाने में योगदान दे रही हैं!
नारी शक्ति को प्रोत्साहित करती रहती है!
गरीब अनाथ असहाय लोगों की सहायतार्थ हमेशा तत्पर रहती हैं!
शिक्षा के क्षेत्र में भी गरीब बच्चों को कॉपी-किताब देकर उन्हें शिक्षा से जोड़े रखने का कार्य भी कर रही हैं!

राकेश मिश्रा ने ‘’ बताया कि इस काम को संघर्षपूर्ण करने के लिए मैंने अपनी व्यक्तिगत चीजों को बेच दिया है।मेरी कोशिश है कि मैं इस काम को अपने बलबूते करूं,ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक हों।पेड़ लगाने के अलावा राकेश मिश्रा ‘पर्यावरण के लिये युद्ध’ नाम से एक मुहिम भी शुरू कर चुके हैं।इस मुहिम के तहत वो लोगों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह सभाएं आयोजित कर रहे हैं,साथ ही वो नुक्कड़ नाटकों के जरिये भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं,राकेश ने पहाड़ों में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ माफियाओं के विरूद्ध अभियान शुरू किया है।इस वजह से उन पर दो बार जानलेवा हमले भी हो चुके हैं।वो बताते हैं कि पहाड़ों में खनन की वजह से पहाड़ काटे जा रहे हैं जिस कारण पेड़ भी कट जाते हैं। इससे पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है।

राकेश ने बताया कि जब उन्होंने इन आंदोलन को शुरू किया था तो लोग उनका मजाक बनाते थे,लोग उन्हें पागल कहते थे,लेकिन धीरे धीरे लोगों ने उनके काम को समझा और कुछ हद तक उन्हें लोगों ने सपोर्ट भी किया,लेकिन मिश्रा ने वृक्षारोपण का कार्य सर्दी,गर्मी और बारिश में जारी रखा,नतीजा 4 माह में सामने आने लगा कि मिश्रा के पैरों में गर्मी की तपती सड़कों पर चलने से छाले पड़ गए,अब कड़े संघर्ष में काम थोड़ा धीरे धीरे चला,मिश्रा को कई राजनैतिक दलों के नामी लोगों ने अपने छल कपट से बहकावे में लेकर झूठे आश्वाशन दिए कि तुम्हारा संकल्प 10 दिन में पूरा करवा देंगे,तुम्हारी मदद करेंगे लेकिन किसी ने मिश्रा की मदद नहीं कि,लेकिन मिश्रा अपने सवा लाख वृक्ष लगाने के मिशन को 5 जून 2017 को सम्पूर्ण कर देश में फिर से पर्यावरण की स्थिति को सुधारने के लिए “पर्यावरण बचाओ भारत यात्रा” एक आंदोलन रूपी अभियान शुरू कर चुके हैं,इस आंदोलन में मिश्रा इस बार सवा करोड़ वृक्ष लगाने का कार्य अपने कंधों पर लेकर चल रहे हैं,मिश्रा इस अभियान को लोगों तक लेकर जाते हैं और मदद माँगते हैं,लेकिन मिश्रा के इस अनूठे संकल्प को देखकर भी लोगों का दिल नहीं पसीजता,लेकिन कुछ लोगों ने इस संकल्प को समझा और वो मिश्रा के इस संकल्पमयी आंदोलन में मिश्रा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ हैं,जिनमें हैं बड़ी बहन व मार्गदर्शक श्रीमती निर्मला राव जी,जीजाजी श्री पूरण राव जी(फाउंडर & डायरेक्टर-सत्यमेव न्यूज़),डॉ.अनिल जैन जी,प्रशान्त भट्ट जी,नया सवेरा संस्था सदस्य अलख मिश्रा,शुभम सोनी,भास्कर शर्मा जी,वीरेन्द्र सूद जी,मनीष शर्मा जी,दिलीप जैन जी,पायल वर्मा जी आदि मौजूद हैं,अब फिलहाल अपने पर्यावरण प्रेम के अनूठे संकल्प को मिश्रा विश्व स्तर पर ले जाने के लिए सवा करोड़ पेड़ लगाने और देशभर में लोगों को जागरूक करने का संकल्प ले कर जन जागरण अभियान चला रहे हैं,10 फरवरी से वृक्षारोपण का मिशन शुरू होने जा रहा है,मिश्रा अपनी पर्यावरण को सुरक्षित करने की यात्रा को राजस्थान प्रदेश के जयपुर जिले की विराटनगर तहसील से शुरू कर देश के हर राज्य में जा जाकर वृक्ष लगा कर सम्पूर्ण करेंगे व देश वासियों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जागरूक करने का यह संकल्पित अभियान है!

“पर्यावरण बचाओ भारत यात्रा” देशव्यापी आंदोलन के लिए मिश्रा अब तक जिन व्यक्तियों से मिलकर इस आंदोलन का पोस्टर विमोचन करवा चुके हैं व इन सभी ने आंदोलन में अपना अपना सहयोग देने की बात कही है,जिनमें हैं पर्यावरण मिनिस्टर श्री हर्ष वर्धन जी,श्रीमती संगीता जेटली जी(धर्मपत्नी वित्त मंत्री अरुण जेटली),भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू जी,आर.एस.एस. के गोलक बिहारी राय जी,हेल्थ केबिनेट मिनिस्टर जे.पी.नड्डा जी,केबिनेट मिनिस्टर स्वतंत्र प्रभार रीता बहुगुणा जोशी जी,दया शंकर जी भाईसाहब उत्तरप्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा,संयुक्ता भाटिया जी लखनऊ उत्तरप्रदेश महापौर,उत्तराखंड फाइनेंस मिनिस्टर प्रकाश पंत जी,उत्तराखण्ड भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट जी आदि!

जल्द ही मिश्रा की जीवनी पर आधारित लघु फ़िल्म बनने जा रही है,मिश्रा इस लघु फ़िल्म को जन जन तक पहुँचाना चाहते हैं,यह फ़िल्म पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के साथ साथ पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर बनाई जा रही है-

पर्यावरण की रक्षा ही हमारा परम धेय्य-मिश्रा

राजस्थान प्रदेश में जयपुर जिले की विराटनगर तहसील के रहने वाले तीस वर्षीय युवा ने ना सिर्फ सवा लाख पेड़ लगाए बल्कि अपने इस संघर्षमयी संकल्प में लाखों लोगों को जागरूक किया……क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक इंसान, जिसने अपना घर इसलिये छोड़ दिया हो ताकि वो दुनिया को हरा भरा कर सके, उस इंसान ने तय किया है कि वो तब तक नये कपड़े नहीं पहनेगा और नंगे पैर रहेगा जब तक वो सवा लाख पेड़ नहीं लगा लेता, हवा को सांस लेने लायक बनाने के लिये उस इंसान ने अपनी गाड़ी और दूसरा बहुमूल्य सामान तक बेच दिया हो…. ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिये दुनिया के सभी देश पेरिस समझौता लागू करने पर जोर दे रहे हैं, लेकिन वो इंसान अकेला ही इस समस्या से निपटने के लिये बीते साल 10 फरवरी 2016 से पेड़ लगाने में जुटा हुआ है, राजस्थान के जयपुर शहर के विराटनगर कस्बे में रहने वाले 30 वर्षीय राकेश मिश्रा अब तक करीब 1 लाख 62 हजार पेड़ लगा चुके हैं।

इसके अलावा मिश्रा अपनी संस्था ‘नया सवेरा संस्था’ के जरिये महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ साथ गरीब बच्चों को शिक्षित बनाने का काम कर रहे हैं,राकेश को समाज सेवा की प्रेरणा अपने दादाजी श्री रामेश्वर प्रसाद मिश्रा जी से विरासत में मिली।वो खुद एक UDC कलर्क थे साथ ही समाजसेवक भी।
जो बचपन से ही राकेश को सामाजिक परेशानियों और उनके कारणों के बारे में जानकारी देते रहते थे।इस वजह से बचपन से ही राकेश का रूझान समाजसेवा की ओर हो गया।
जिसके बाद साल 2002 में उन्होने ‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera Sanstha) नाम से एक स्वंय सेवी संस्था की स्थापना की।

उन्होने अपने काम की शुरूआत पोलियो मुक्त अभियान (Polio free campaign) के साथ की। इस अभियान के तहत वो नुक्कड़ नाटकों के जरिये लोगों को पोलियो के खिलाफ जागरूक करते थे लेकिन पेड़ लगाने (tree plantation) का ख्याल उनको गाँवों में पहाड़ों से लकड़ियाँ काट कर ला रही महिलाओं को देखकर हुआ की एक दिन सारे पेड़ कट जायेंगे तो विनाश हो जायेगा तब दिमाग में आया की अब पर्यावरण के लिए कुछ ऐसा करना है जो किसी ने ना किया हो,तब उन्होने महसूस किया कि पर्यावरण में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है और इसके लिये दिनों दिन कम होते पेड़ जिम्मेदार हैं साथ ही लोग भी जागरूक नहीं हैं।जिसके बाद उन्होने तय किया कि वो अकेले ही पेड़ लगाने का काम करेंगे साथ ही लोगों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक (environmental awareness) करेंगे।इस तरह उन्होने 10 फरवरी 2016 से पेड़ लगाने की मुहिम को शुरू किया साथ ही उन्होने चार संकल्प लिये। राकेश मिश्रा (Rakesh Mishra) के मुताबिक लिए गए संकल्प…..

जब तक मैं सवा लाख पेड़ नहीं लगा लेता तब तक-
*मैं अपने घर नहीं जाऊंगा?*
*नंगे पैर रहूंगा?*
*दिन में एक बार भोजन करूंगा?*
*नये कपड़े नहीं पहनूंगा और?*

उन्होंने ऐसा सिर्फ पर्यावरण के लिए लोगों को जागरूक करके वृक्ष लगाने और उनकी जिम्मेदारी निभाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया,राकेश ने पहले चरण में पेड़ लगाने की शुरूआत अपनी संस्था ‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera Sanstha) के तहत विराटनगर से शुरू की।उनकी इस मुहिम में अब राजस्थान के अलावा हरियाणा,दिल्ली,उत्तरप्रदेश,महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश,उत्तराखण्ड,गुजरात,असम,उड़ीसा,के लोग भी शामिल हुए हैं,
अब तक वो कुल 1 लाख 62 हजार पेड़ लगा चुके हैं।राकेश मिश्रा ने केवल सवा लाख पेड़ लगाने का ही लक्ष्य नहीं रखा है बल्कि उन पेड़ों की देखभाल का भी जिम्मा भी उठाया और ऐसी जगह पर वृक्षारोपण किया जो उन वृक्षों को पालने की जिम्मेदारी ले सकें।हालांकि उनके इस काम में अब
‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera) के सदस्य भी उनकी मदद कर रहे हैं,जिनमें संस्था की निदेशिका व राष्ट्रीय सचिव माण्डवी मिश्रा का भरपूर सहयोग मिला है माण्डवी मिश्रा उत्तरप्रदेश में रायबरेली जिले की रहने वाली और अभी लॉ स्टूडेंट हैं माण्डवी मिश्रा नया सवेरा संस्था की निदेशिका होने के साथ साथ सामाजिक कार्यों में भी अपनी रूचि रखती हैं,माण्डवी मिश्रा अपनी राष्ट्र भाषा हिन्दी के सम्मान में स्व लिखित कविताओं के माध्यम से मातृ भाषा का प्रचार प्रसार कर रही हैं,संविधान को सरल भाषा में कविता के माध्यम से आम जनता को परिचित कराने का कार्य बखूबी से निभा रही हैं,नारी शोषण के विरूद्ध आवाज उठाती है एवं नारी शक्ति को स्वावलंबन बनाने में योगदान दे रही हैं!
नारी शक्ति को प्रोत्साहित करती रहती है!
गरीब अनाथ असहाय लोगों की सहायतार्थ हमेशा तत्पर रहती हैं!
शिक्षा के क्षेत्र में भी गरीब बच्चों को कॉपी-किताब देकर उन्हें शिक्षा से जोड़े रखने का कार्य भी कर रही हैं!

राकेश मिश्रा ने ‘’ बताया कि इस काम को संघर्षपूर्ण करने के लिए मैंने अपनी व्यक्तिगत चीजों को बेच दिया है।मेरी कोशिश है कि मैं इस काम को अपने बलबूते करूं,ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक हों।पेड़ लगाने के अलावा राकेश मिश्रा ‘पर्यावरण के लिये युद्ध’ नाम से एक मुहिम भी शुरू कर चुके हैं।इस मुहिम के तहत वो लोगों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह सभाएं आयोजित कर रहे हैं,साथ ही वो नुक्कड़ नाटकों के जरिये भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं,राकेश ने पहाड़ों में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ माफियाओं के विरूद्ध अभियान शुरू किया है।इस वजह से उन पर दो बार जानलेवा हमले भी हो चुके हैं।वो बताते हैं कि पहाड़ों में खनन की वजह से पहाड़ काटे जा रहे हैं जिस कारण पेड़ भी कट जाते हैं। इससे पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है।

राकेश ने बताया कि जब उन्होंने इन आंदोलन को शुरू किया था तो लोग उनका मजाक बनाते थे,लोग उन्हें पागल कहते थे,लेकिन धीरे धीरे लोगों ने उनके काम को समझा और कुछ हद तक उन्हें लोगों ने सपोर्ट भी किया,लेकिन मिश्रा ने वृक्षारोपण का कार्य सर्दी,गर्मी और बारिश में जारी रखा,नतीजा 4 माह में सामने आने लगा कि मिश्रा के पैरों में गर्मी की तपती सड़कों पर चलने से छाले पड़ गए,अब कड़े संघर्ष में काम थोड़ा धीरे धीरे चला,मिश्रा को कई राजनैतिक दलों के नामी लोगों ने अपने छल कपट से बहकावे में लेकर झूठे आश्वाशन दिए कि तुम्हारा संकल्प 10 दिन में पूरा करवा देंगे,तुम्हारी मदद करेंगे लेकिन किसी ने मिश्रा की मदद नहीं कि,लेकिन मिश्रा अपने सवा लाख वृक्ष लगाने के मिशन को 5 जून 2017 को सम्पूर्ण कर देश में फिर से पर्यावरण की स्थिति को सुधारने के लिए “पर्यावरण बचाओ भारत यात्रा” एक आंदोलन रूपी अभियान शुरू कर चुके हैं,इस आंदोलन में मिश्रा इस बार सवा करोड़ वृक्ष लगाने का कार्य अपने कंधों पर लेकर चल रहे हैं,मिश्रा इस अभियान को लोगों तक लेकर जाते हैं और मदद माँगते हैं,लेकिन मिश्रा के इस अनूठे संकल्प को देखकर भी लोगों का दिल नहीं पसीजता,लेकिन कुछ लोगों ने इस संकल्प को समझा और वो मिश्रा के इस संकल्पमयी आंदोलन में मिश्रा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ हैं,जिनमें हैं ,बड़ी बहन व मार्गदर्शक श्रीमती निर्मला राव जी,जीजाजी श्री पूरण राव जी(फाउंडर & डायरेक्टर-सत्यमेव न्यूज़),डॉ.अनिल जैन जी,प्रशान्त भट्ट जी,नया सवेरा संस्था सदस्य अलख मिश्रा,शुभम सोनी,भास्कर शर्मा जी,वीरेन्द्र सूद जी,मनीष गंंगावत,दिलीप जैन जी,पायल वर्मा जी आदि मौजूद हैं,अब फिलहाल अपने पर्यावरण प्रेम के अनूठे संकल्प को मिश्रा विश्व स्तर पर ले जाने के लिए सवा करोड़ पेड़ लगाने और देशभर में लोगों को जागरूक करने का संकल्प ले कर जन जागरण अभियान चला रहे हैं,10 फरवरी से वृक्षारोपण का मिशन शुरू होने जा रहा है,मिश्रा अपनी पर्यावरण को सुरक्षित करने की यात्रा को राजस्थान प्रदेश के जयपुर जिले की विराटनगर तहसील से शुरू कर देश के हर राज्य में जा जाकर वृक्ष लगा कर सम्पूर्ण करेंगे व देश वासियों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जागरूक करने का यह संकल्पित अभियान है!

“पर्यावरण बचाओ भारत यात्रा” देशव्यापी आंदोलन के लिए मिश्रा अब तक जिन व्यक्तियों से मिलकर इस आंदोलन का पोस्टर विमोचन करवा चुके हैं व इन सभी ने आंदोलन में अपना अपना सहयोग देने की बात कही है,जिनमें हैं पर्यावरण मिनिस्टर श्री हर्ष वर्धन जी,श्रीमती संगीता जेटली जी(धर्मपत्नी वित्त मंत्री अरुण जेटली),भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू जी,आर.एस.एस. के गोलक बिहारी राय जी,हेल्थ केबिनेट मिनिस्टर जे.पी.नड्डा जी,केबिनेट मिनिस्टर स्वतंत्र प्रभार रीता बहुगुणा जोशी जी,दया शंकर जी भाईसाहब उत्तरप्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा,संयुक्ता भाटिया जी लखनऊ उत्तरप्रदेश महापौर,उत्तराखंड फाइनेंस मिनिस्टर प्रकाश पंत जी,उत्तराखण्ड भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट जी आदि!

जल्द ही मिश्रा की जीवनी पर आधारित लघु फ़िल्म बनने जा रही है,मिश्रा इस लघु फ़िल्म को जन जन तक पहुँचाना चाहते हैं,यह फ़िल्म पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के साथ साथ पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर बनाई जा रही है-

“मंथन फाउंडेशन ऑफ इंडिया” पदाधिकारियों की बैठक आयोजित

आज दिनांक  22/02/2018 को संस्था मंथन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के कार्यालय  65/2 हरिनगर आश्रम दिल्ली मे संस्था के पदाधिकारियों की एक बैठक आयोजित हुई !

जिसकी अध्यक्षता संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजेंद्र कपूर जी ने की. बैठक में संस्था के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे, सभी कोरम पूर्ण होने पर कार्यवाही प्रारंभ हुई.

प्रस्ताव क्रमांक – 1

कार्यवाही की पुष्टि पर विचार.

संस्था की राष्ट्रीय सचिव ने गत कार्यवाही पड़कर सुनाई जो सर्वसम्मति से पारित हुई !
प्रस्ताव क्रमांक – 2

संस्था की ओर से गुजरात, मध्यप्रदेश राज्य का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव.

संस्था की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रचना कालरा ने प्रस्ताव किया की श्री मुकेश गर्ग को मध्यप्रदेश राज्य का प्रदेश अध्यक्ष और श्री हितेश कालानी को गुजरात राज्य का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जाये और उन्हें अपने राज्यों में टीम बनाकर कार्य करने हेतु प्रेपित किया जाये यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ.

रक्तदान का कोई विकल्प नही

सुल्तानपुर, 11 फरवरी 2018। जय श्री फाउण्डेशन द्वारा आयोजित रक्तदान जागरूकता रैली का शुभारम्भ करते हुए संस्था संरक्षक शिव कुमार तिवारी ने कहा कि रक्तदान का कोई विकल्प नही होता है। रक्तदान भगवान का दिया हुआ उपहार है। इसे बाटने से कम नहीं होता है अपितु बढ़ता है।
रैली को संस्था प्रबंधक एडवोकेट विन्देश्वरी प्रसाद मिश्रा ने सम्बोधित किया और रक्तदान के लिए लोगों उत्साहित किया। उन्होने कहा कि रक्तदान जरूरतमंदो के लिए जीवनदान है। रक्तदान से हमारे देश को तरक्की मिलेगी। रैली तिकोनिया पार्क से शुरू होकर डाकखाना चौराहा, गन्दा नाला रोड, गल्ला मण्डी, बस स्टेशन होते हुए तिकोनिया पार्क में समापन भाषण के साथ समाप्त हुई। समाजसेवी मोहित मयंक तिवारी ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सभी को समय समय पर पर रक्तदान करते रहना चाहिए। यह इंसानियत की पहचान है। रक्तदान करना हम सबकी जिम्मेदारी है। रक्तदान को अभियान बनाने की जरूरत है।इसमें हर व्यक्ति की सहभागिता जरूरी है।
रक्तदान जागरूकता रैली समापन के बाद संस्था सदस्यों ने ब्लड बैंक जिला अस्पताल में रक्तदान भी किया। रक्तदान शिविर का उद्घाटन समाजसेवी आर. पी. राव ने फीता काट कर किया। रक्तदान करने वालों मे शुभम मिश्रा, पुष्पेन्द्र मिश्रा, अंकुर मिश्रा, ज्ञान यादव, अमन श्रीवास्तव सहित 10 कार्यकर्ता रहे। रैली में अंकित गुप्ता, सोनू मिश्रा, राजेश तिवारी, विवेक तिवारी, पंकज मिश्रा, समाजसेवी मोहित मयंक तिवारी, विन्देश्वरी प्रसाद मिश्रा, शिव कुमार तिवारी, आकाश मिश्रा, कलीम खान, संतोष पाण्डेय, अतुल सिंह, रंजीत भार्गव, अमित मिश्रा, उर्मिला पाण्डेय, सचिन दूबे, बालकृष्ण तिवारि, राधेश्याम, सुरेन्द्र तिवारी, प्रज्ञा तिवारी, विनोद श्रीवास्तव, उदय यादव, राम सजीवन सोनी आदि सैकड़ो संस्था कार्कर्ता मौजूद रहे।

“युवा निराला एकादश” ने “जय श्री एकादश” को हरा किया तेन्दुलकर ट्राफी पर किया कब्जा।

२७ जनवरी। समाजसेवी संस्था “जय श्री फाउण्डेशन” द्वारा आयोजित क्रिकेट फॉर चैरिटी में युवा निराला एकादश ने जय श्री एकादश को 2-1 से मात देकर तेन्दुलकर ट्राफी जीत लिया। टूर्नामेंट का उद्घाटन भाजपा नगर मण्डल अध्यक्ष विनोद पाण्डेय ‘बिन्नू’ फीता काट कर किया। और जय श्री फाउण्डेशन की युवाओं के प्रति किये जा रहे प्रयाशों और समाजसेवा के कार्यों की सराहना की। युवा निराला एकादश के कप्तान आकाश मिश्रा ने कहा कि संस्था ने हमारी टीम को आमंत्रित किया, फाउण्डेशन का आभार। और उप विजेता टीम के कप्तान समाजसेवी मोहित मयंक तिवारी ने युवाओं की जीत पर खुशी जाहिर की और कहां कि हम ऐसे युवाओं के लिए निरंतर आयोजन करने का प्रयास करते रहेंगे। और उनका प्रोत्साहन करते रहेंगे। टूर्नामेंट मे मैन आफ द सीरीज पवन, मैन आफ द मैच पवन और खादिम को शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सोनू मिश्रा, अंकित गुप्ता, मोहित मयंक तिवारी, धीरेन्द्र मिश्रा, संतोष पाण्डेय, पंकज मिश्रा, पुष्पेन्द्र मिश्रा, रंजीत भार्गव, शुभम मिश्रा, विवेक तिवारी, राजेश तिवारी, ज्ञान यादव, प्रिंस यादव सहित सैकड़ो कार्यकर्ता व खिलाड़ी उपस्थित रहे।

जय श्री फाउण्डेशन के युवाओं ने किया ररक्तदान।

समाजसेवी संस्था “जय श्री फाउण्डेशन” के तत्वावधान में आज जिला अस्पताल के ब्लड बैंक मे रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इसमे संस्था के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने रक्तदान किया। जिला अस्पताल मे आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. योगेन्द्र यती ने किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई रक्तदान नही है। 60 साल की उम्र तक कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। इसका शरीर पर कोई विपरीत प्रभाव नही पड़ता है। इस मौके पर शुभम मिश्रा, अर्पित सिंह, पुष्पेन्द्र मिश्रा, रवि पाण्डेय, राजेश तिवारी, विवेक तिवारी, शिव कुमार तिवारी, विन्देश्वरी प्रसाद मिश्रा, सोनू मिश्रा और ब्लड बैंक प्रभारी अमित सिंह जी मौजूद रहे।
रक्तदान करने वालों में मोहित मयंक तिवारी, रंजीत भार्गव, अंकित गुप्ता, पंकज मिश्रा, सुनील गुप्ता सहित 10 सदस्य रहे। आयोजक समाजसेवी मोहित मयंक तिवारी ने अतिथियों व सहयोगियों के प्रति आभार जताया।

@ जय श्री फाउण्डेशन ने रात्रि भ्रमण मे बाटें कम्बल और वस्त्र

# जय श्री फाउण्डेशन ने रात्रि भ्रमण मे बाटें कम्बल और वस्त्र

समाजसेवी संस्था जय श्री फाउण्डेशन के समाजसेवियों ने आज रात्री में नगर में भ्रमण कर गरीबों/असहाय व्यक्तियों को कम्बल और वस्त्र वितरित किए। संस्था ने आज 27 व्यक्तियों रात्री कम्बल और ऊनी वस्त्र वितरित किए और ठण्ड से राहत हेतु उचित प्रबंध करने का प्रयास किया। इस मौके पर अंकित गुप्ता, समाजसेवी मोहित मयंक तिवारी, शोनू मिश्रा, धीरेंद्र मिश्रा, आनन्द पाण्डेय, शुभम मिश्रा, आकाश मिश्रा, देवेन्द्र ओझा, शिव कुमार तिवारी, पुष्पेन्द्र मिश्रा, राजेश तिवारी, विवेक तिवारी, पंकज मिश्रा आदि मौजूद रहे। संस्था दिसम्बर माह से लगातार ठण्ड से राहत हेतु गरीब/असहाय लोंगो को कम्बल और ऊनी वस्त्र वितरित कर रही है, और पूरे ठण्ड के महीने मे वितरित करती रहेगें।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान

School-In-A-Bag Campaign

आज मुस्कान फाउंडेशन की ओर से स्थानीय दुर्गा मंदिर में School-In-A-Bag Campaign के अंतर्गत 100 से अधिक गरीब बच्चियों के मध्य स्कूल कीट (जिसमें एक बैग के अंदर नोट बुक, कलर पेन्सिल, पेन्सिल, नैतिक शिक्षा की किताब, लंच बॉक्स, वाटर बोतल आदि सामग्री) का वितरण किया गया। इस अभियान से समाज के निम्न वर्ग के व्यक्तियों के मध्य अपने लड़की को पढ़ाने के प्रति जागरूकता में सहायक सिद्ध होगा। ये अभियान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के दिशा में एक कदम है। संस्था के चेयरमैन श्री काशी प्रसाद गुप्ता, निदेशक अजय कुमार प्रसाद, श्रीमती तारा देवी का ये प्रयास बहुत ही सराहनीय रहा। प्रोग्राम में शहर के अधिवक्ता मोहम्मद हसन जी ने इस अभियान को सराहा । संस्था के महिला विंग के प्रमुख श्रीमती अनिता कुमारी तथा मीडिया प्रभारी श्री विनेश कुमार की उपस्थिति रही। कुछ युवा साथी जो विभिन्न कॉलेज से थे जिसमें से आकाश कुमार और आलेख कुमार की योगदान अच्छा रहा। मंच संचालन का जिम्मा संस्थान के महिला निदेशक श्रीमती गीता कुमारी के द्वारा की गई।

इस अभियान की ये शुरुआत है और आगामी कार्यक्रम के रूपरेखा पर संस्था के निदेशक श्री अजय कुमार प्रसाद जी का कहना है की आज हमारे समाज मे इतनी सरकारी मदद के बाद भी समाज के निम्न वर्ग अपनी लड़कियों को स्कूलों में भेजने से कतराते हैं तथा उन्हें घर के कार्यों में लगा दी जाती है। इस अभियान से उन्ही लड़कियों के शिक्षा प्रति उसके अभिभावकों को प्रेरित करना भी एक कार्य है।

संस्था के महिला निदेशक श्रीमती गीता कुमारी जी का कहना है कि जब एक लड़की को शिक्षा दी जाती है तो ये तीन पीढ़ियों तक शिक्षित कर जाती है।

 

प्रज्ञा एजुकेशनल अंड सोशल वेल्फेअर सोसायटी

धामणगाव गढी येथे हळदी कुकवाचा प्रोग्राम घेण्यात आला यामध्ये गावातील शेकडो महिलांनी खूप मोठ्या प्रमाणावर सहभाग घेतला. क्रांतीजोती सावित्रीबाई फुले यांचे फोटो पूजनाने कार्यक्रम सुरु झाला. महिलांनी दरवर्षी होणाऱ्या कार्यक्रमामधे  सहभाग घेऊन उत्कृष्ट उखाणे सांगितले. सौ. पद्मा नन्नावरे (मुख्याध्यापिका), सौ. आश्विनी दहेकर, सौ. दुर्गा रौन्दलकर, कु. प्रिया विलास कान्होलकर (सर्व शिक्षिका) आणि वर्षाताई चिंचोळकर (काळजी वाहक) यांनी हा कार्यक्रम आयोजित केला. सकाळी ११ ते ४.३० पर्यंत कार्यक्रम सुरूच राहिला गावातील सर्व महिलांनी पुढील वर्षी मोठा मंडप टाकून कार्यक्रम घेण्यास सुचविले. कारण खूप मोठ्या प्रमाणावर महिला उपस्तीत होत्या.

 

स्वरूप योग प्रशिक्षण एवं समगरोपचार ट्रस्ट

स्वरूप योग प्रशिक्षण एवं समगरोपचार ट्रस्ट नागल के तत्वावधान में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम 2015 से चला रही है SWAROOP YOGA (be & make) के रूप में शहर व क़स्बों में क्योंकि स्वरूप योग प्रशिक्षण एवं समगरोपचार ट्रस्ट नागल -247551 का जन्म October 2016 में हुआ परन्तु कार्य व सामाजिक सेवा संस्थापक अध्यक्ष विनित कुमार और ट्रस्टी के सहयोग से जो कि ग्रामीण क्षेत्र से संमबनध रखते है।उनके सहयोग से दिसम्बर 2015-June 2017 तक शहर सहारनपुर में आस पास व देहात के लोगों को सकारात्मक positive mental health therapy camp चलाये व देहात मे SDM stop diabetes movement  पर लेक्चर व योग क्लास को चलाया गया और साथ ही साथ प्रचार किया गया यौगिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा का|

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