‘‘नेशनल डायमंड अचीवर अवार्ड’’ से सम्मानित ‘‘श्रीमती अनीता राज ’’

 दिनांक 11 मार्च 2018 को राजस्थान मरू की नगरी ‘‘बिकानेर’’ में यूथ वर्ल्ड समाचार समूह द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में उपस्थिति.

मुख्य अतिथि :- श्री शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा ( पूर्व उपाध्यक्ष केन्द्रीय बाल श्रम बोर्ड भारत सरकार )

श्री राजिंदर कपूर ( चीफवार्डन सिविल डिफेंस राष्टपति अवार्डी) व

श्रीमती वीना अरोड़ा ( राष्ट्रीय समाज सेविका ) व

डॉ. पूनम माटिया ( कावित्री एवं वरिष्ट समाजसेविका ) जैसी हस्तियों द्वारा यूथ वर्ल्ड समाचार समूह के तत्वाधान में ‘‘मंथन फाउंडेशन ऑफ इंडिया’’ की राष्ट्रीय सचिव श्रीमती अनीता राज को ‘‘नेशनल डायमंड अचीवर अवार्ड’’ से सम्मानित किया गया.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस “सशक्त महिला सशक्त भारत”

“मंथन फाउंडेशन ऑफ इंडिया” 8 मार्च 2018 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस “सशक्त महिला सशक्त भारत” मनाया गया

जिसमे नीलम सहदेव, सुनील सहदेव, न्यूज वन इंडिया के एडिटर मदन मोहन जी, संदीप यादव, एम्स के सीनियर डॉ. मायाधर वरिक, शेरवानी मंडल, पूनम प्रधान, एन जी ओ के संस्थापक सुशील कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष / चेअरमैन श्री राजिंदर कपूर जी, राष्ट्रीय सचिव अनीता राज जी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रचना कालरा जी, दिल्ली सचिव रचना चड्डा जी, पदेश उपाध्यक्ष दिल्ली डॉ. पर्मिला जी, साऊथ ईस्ट दिल्ली समन्वयक सुनीता छुगानी, राजकुमार तमर, एन प्रोजेक्ट हेड सर्वेश मिश्रा जी, सतीश चन्द्र राठौर, सुल्ताना परवीन की उपस्थिति में ये कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसके सम्मान मे तुलसी का पौधा रोपण और सौल देकर अतिथि का स्वागत किया

और “सशक्त महिला सशक्त भारत” के उपलक्ष्य में 100 महिलाओ को खाद्य वितरण किया गया.

पर्यावरण की रक्षा में हुआ शँखनाद – राकेश मिश्रा

राजस्थान प्रदेश में जयपुर जिले की विराटनगर तहसील के रहने वाले तीस वर्षीय युवा ने ना सिर्फ सवा लाख पेड़ लगाए बल्कि अपने इस संघर्षमयी संकल्प में लाखों लोगों को जागरूक किया……क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक इंसान,जिसने अपना घर इसलिये छोड़ दिया हो ताकि वो दुनिया को हरा भरा कर सके,
उस इंसान ने तय किया है कि वो तब तक नये कपड़े नहीं पहनेगा और नंगे पैर रहेगा जब तक वो सवा लाख पेड़ नहीं लगा लेता,हवा को सांस लेने लायक बनाने के लिये उस इंसान ने अपनी गाड़ी और दूसरा बहुमूल्य सामान तक बेच दिया हो…. ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिये दुनिया के सभी देश पेरिस समझौता लागू करने पर जोर दे रहे हैं,लेकिन वो इंसान अकेला ही इस समस्या से निपटने के लिये बीते साल 10 फरवरी 2016 से पेड़ लगाने में जुटा हुआ है,राजस्थान के जयपुर शहर के विराटनगर कस्बे में रहने वाले 30 वर्षीय राकेश मिश्रा अब तक करीब 1 लाख 62 हजार पेड़ लगा चुके हैं।

इसके अलावा मिश्रा अपनी संस्था ‘नया सवेरा संस्था’ के जरिये महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ साथ गरीब बच्चों को शिक्षित बनाने का काम कर रहे हैं,राकेश को समाज सेवा की प्रेरणा अपने दादाजी श्री रामेश्वर प्रसाद मिश्रा जी से विरासत में मिली।वो खुद एक UDC कलर्क थे साथ ही समाजसेवक भी।
जो बचपन से ही राकेश को सामाजिक परेशानियों और उनके कारणों के बारे में जानकारी देते रहते थे।इस वजह से बचपन से ही राकेश का रूझान समाजसेवा की ओर हो गया।
जिसके बाद साल 2002 में उन्होने ‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera Sanstha) नाम से एक स्वंय सेवी संस्था की स्थापना की।

उन्होने अपने काम की शुरूआत पोलियो मुक्त अभियान (Polio free campaign) के साथ की। इस अभियान के तहत वो नुक्कड़ नाटकों के जरिये लोगों को पोलियो के खिलाफ जागरूक करते थे लेकिन पेड़ लगाने (tree plantation) का ख्याल उनको गाँवों में पहाड़ों से लकड़ियाँ काट कर ला रही महिलाओं को देखकर हुआ की एक दिन सारे पेड़ कट जायेंगे तो विनाश हो जायेगा तब दिमाग में आया की अब पर्यावरण के लिए कुछ ऐसा करना है जो किसी ने ना किया हो,तब उन्होने महसूस किया कि पर्यावरण में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है और इसके लिये दिनों दिन कम होते पेड़ जिम्मेदार हैं साथ ही लोग भी जागरूक नहीं हैं।जिसके बाद उन्होने तय किया कि वो अकेले ही पेड़ लगाने का काम करेंगे साथ ही लोगों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक (environmental awareness) करेंगे।इस तरह उन्होने 10 फरवरी 2016 से पेड़ लगाने की मुहिम को शुरू किया साथ ही उन्होने चार संकल्प लिये। राकेश मिश्रा (Rakesh Mishra) के मुताबिक लिए गए संकल्प…..

जब तक मैं सवा लाख पेड़ नहीं लगा लेता तब तक-
*मैं अपने घर नहीं जाऊंगा?*
*नंगे पैर रहूंगा?*
*दिन में एक बार भोजन करूंगा?*
*नये कपड़े नहीं पहनूंगा और?*

उन्होंने ऐसा सिर्फ पर्यावरण के लिए लोगों को जागरूक करके वृक्ष लगाने और उनकी जिम्मेदारी निभाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया,राकेश ने पहले चरण में पेड़ लगाने की शुरूआत अपनी संस्था ‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera Sanstha) के तहत विराटनगर से शुरू की।उनकी इस मुहिम में अब राजस्थान के अलावा हरियाणा,दिल्ली,उत्तरप्रदेश,महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश,उत्तराखण्ड,गुजरात,असम,उड़ीसा,के लोग भी शामिल हुए हैं,
अब तक वो कुल 1 लाख 62 हजार पेड़ लगा चुके हैं।राकेश मिश्रा ने केवल सवा लाख पेड़ लगाने का ही लक्ष्य नहीं रखा है बल्कि उन पेड़ों की देखभाल का भी जिम्मा भी उठाया और ऐसी जगह पर वृक्षारोपण किया जो उन वृक्षों को पालने की जिम्मेदारी ले सकें।हालांकि उनके इस काम में अब
‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera) के सदस्य भी उनकी मदद कर रहे हैं,जिनमें संस्था की निदेशिका व राष्ट्रीय सचिव माण्डवी मिश्रा का भरपूर सहयोग मिला है माण्डवी मिश्रा उत्तरप्रदेश में रायबरेली जिले की रहने वाली और अभी लॉ स्टूडेंट हैं माण्डवी मिश्रा नया सवेरा संस्था की निदेशिका होने के साथ साथ सामाजिक कार्यों में भी अपनी रूचि रखती हैं,माण्डवी मिश्रा अपनी राष्ट्र भाषा हिन्दी के सम्मान में स्व लिखित कविताओं के माध्यम से मातृ भाषा का प्रचार प्रसार कर रही हैं,संविधान को सरल भाषा में कविता के माध्यम से आम जनता को परिचित कराने का कार्य बखूबी से निभा रही हैं,नारी शोषण के विरूद्ध आवाज उठाती है एवं नारी शक्ति को स्वावलंबन बनाने में योगदान दे रही हैं!
नारी शक्ति को प्रोत्साहित करती रहती है!
गरीब अनाथ असहाय लोगों की सहायतार्थ हमेशा तत्पर रहती हैं!
शिक्षा के क्षेत्र में भी गरीब बच्चों को कॉपी-किताब देकर उन्हें शिक्षा से जोड़े रखने का कार्य भी कर रही हैं!

राकेश मिश्रा ने ‘’ बताया कि इस काम को संघर्षपूर्ण करने के लिए मैंने अपनी व्यक्तिगत चीजों को बेच दिया है।मेरी कोशिश है कि मैं इस काम को अपने बलबूते करूं,ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक हों।पेड़ लगाने के अलावा राकेश मिश्रा ‘पर्यावरण के लिये युद्ध’ नाम से एक मुहिम भी शुरू कर चुके हैं।इस मुहिम के तहत वो लोगों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह सभाएं आयोजित कर रहे हैं,साथ ही वो नुक्कड़ नाटकों के जरिये भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं,राकेश ने पहाड़ों में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ माफियाओं के विरूद्ध अभियान शुरू किया है।इस वजह से उन पर दो बार जानलेवा हमले भी हो चुके हैं।वो बताते हैं कि पहाड़ों में खनन की वजह से पहाड़ काटे जा रहे हैं जिस कारण पेड़ भी कट जाते हैं। इससे पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है।

राकेश ने बताया कि जब उन्होंने इन आंदोलन को शुरू किया था तो लोग उनका मजाक बनाते थे,लोग उन्हें पागल कहते थे,लेकिन धीरे धीरे लोगों ने उनके काम को समझा और कुछ हद तक उन्हें लोगों ने सपोर्ट भी किया,लेकिन मिश्रा ने वृक्षारोपण का कार्य सर्दी,गर्मी और बारिश में जारी रखा,नतीजा 4 माह में सामने आने लगा कि मिश्रा के पैरों में गर्मी की तपती सड़कों पर चलने से छाले पड़ गए,अब कड़े संघर्ष में काम थोड़ा धीरे धीरे चला,मिश्रा को कई राजनैतिक दलों के नामी लोगों ने अपने छल कपट से बहकावे में लेकर झूठे आश्वाशन दिए कि तुम्हारा संकल्प 10 दिन में पूरा करवा देंगे,तुम्हारी मदद करेंगे लेकिन किसी ने मिश्रा की मदद नहीं कि,लेकिन मिश्रा अपने सवा लाख वृक्ष लगाने के मिशन को 5 जून 2017 को सम्पूर्ण कर देश में फिर से पर्यावरण की स्थिति को सुधारने के लिए “पर्यावरण बचाओ भारत यात्रा” एक आंदोलन रूपी अभियान शुरू कर चुके हैं,इस आंदोलन में मिश्रा इस बार सवा करोड़ वृक्ष लगाने का कार्य अपने कंधों पर लेकर चल रहे हैं,मिश्रा इस अभियान को लोगों तक लेकर जाते हैं और मदद माँगते हैं,लेकिन मिश्रा के इस अनूठे संकल्प को देखकर भी लोगों का दिल नहीं पसीजता,लेकिन कुछ लोगों ने इस संकल्प को समझा और वो मिश्रा के इस संकल्पमयी आंदोलन में मिश्रा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ हैं,जिनमें हैं बड़ी बहन व मार्गदर्शक श्रीमती निर्मला राव जी,जीजाजी श्री पूरण राव जी(फाउंडर & डायरेक्टर-सत्यमेव न्यूज़),डॉ.अनिल जैन जी,प्रशान्त भट्ट जी,नया सवेरा संस्था सदस्य अलख मिश्रा,शुभम सोनी,भास्कर शर्मा जी,वीरेन्द्र सूद जी,मनीष शर्मा जी,दिलीप जैन जी,पायल वर्मा जी आदि मौजूद हैं,अब फिलहाल अपने पर्यावरण प्रेम के अनूठे संकल्प को मिश्रा विश्व स्तर पर ले जाने के लिए सवा करोड़ पेड़ लगाने और देशभर में लोगों को जागरूक करने का संकल्प ले कर जन जागरण अभियान चला रहे हैं,10 फरवरी से वृक्षारोपण का मिशन शुरू होने जा रहा है,मिश्रा अपनी पर्यावरण को सुरक्षित करने की यात्रा को राजस्थान प्रदेश के जयपुर जिले की विराटनगर तहसील से शुरू कर देश के हर राज्य में जा जाकर वृक्ष लगा कर सम्पूर्ण करेंगे व देश वासियों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जागरूक करने का यह संकल्पित अभियान है!

“पर्यावरण बचाओ भारत यात्रा” देशव्यापी आंदोलन के लिए मिश्रा अब तक जिन व्यक्तियों से मिलकर इस आंदोलन का पोस्टर विमोचन करवा चुके हैं व इन सभी ने आंदोलन में अपना अपना सहयोग देने की बात कही है,जिनमें हैं पर्यावरण मिनिस्टर श्री हर्ष वर्धन जी,श्रीमती संगीता जेटली जी(धर्मपत्नी वित्त मंत्री अरुण जेटली),भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू जी,आर.एस.एस. के गोलक बिहारी राय जी,हेल्थ केबिनेट मिनिस्टर जे.पी.नड्डा जी,केबिनेट मिनिस्टर स्वतंत्र प्रभार रीता बहुगुणा जोशी जी,दया शंकर जी भाईसाहब उत्तरप्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा,संयुक्ता भाटिया जी लखनऊ उत्तरप्रदेश महापौर,उत्तराखंड फाइनेंस मिनिस्टर प्रकाश पंत जी,उत्तराखण्ड भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट जी आदि!

जल्द ही मिश्रा की जीवनी पर आधारित लघु फ़िल्म बनने जा रही है,मिश्रा इस लघु फ़िल्म को जन जन तक पहुँचाना चाहते हैं,यह फ़िल्म पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के साथ साथ पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर बनाई जा रही है-

“मंथन फाउंडेशन ऑफ इंडिया” पदाधिकारियों की बैठक आयोजित

आज दिनांक  22/02/2018 को संस्था मंथन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के कार्यालय  65/2 हरिनगर आश्रम दिल्ली मे संस्था के पदाधिकारियों की एक बैठक आयोजित हुई !

जिसकी अध्यक्षता संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजेंद्र कपूर जी ने की. बैठक में संस्था के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे, सभी कोरम पूर्ण होने पर कार्यवाही प्रारंभ हुई.

प्रस्ताव क्रमांक – 1

कार्यवाही की पुष्टि पर विचार.

संस्था की राष्ट्रीय सचिव ने गत कार्यवाही पड़कर सुनाई जो सर्वसम्मति से पारित हुई !
प्रस्ताव क्रमांक – 2

संस्था की ओर से गुजरात, मध्यप्रदेश राज्य का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव.

संस्था की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रचना कालरा ने प्रस्ताव किया की श्री मुकेश गर्ग को मध्यप्रदेश राज्य का प्रदेश अध्यक्ष और श्री हितेश कालानी को गुजरात राज्य का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जाये और उन्हें अपने राज्यों में टीम बनाकर कार्य करने हेतु प्रेपित किया जाये यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ.

रक्तदान का कोई विकल्प नही

सुल्तानपुर, 11 फरवरी 2018। जय श्री फाउण्डेशन द्वारा आयोजित रक्तदान जागरूकता रैली का शुभारम्भ करते हुए संस्था संरक्षक शिव कुमार तिवारी ने कहा कि रक्तदान का कोई विकल्प नही होता है। रक्तदान भगवान का दिया हुआ उपहार है। इसे बाटने से कम नहीं होता है अपितु बढ़ता है।
रैली को संस्था प्रबंधक एडवोकेट विन्देश्वरी प्रसाद मिश्रा ने सम्बोधित किया और रक्तदान के लिए लोगों उत्साहित किया। उन्होने कहा कि रक्तदान जरूरतमंदो के लिए जीवनदान है। रक्तदान से हमारे देश को तरक्की मिलेगी। रैली तिकोनिया पार्क से शुरू होकर डाकखाना चौराहा, गन्दा नाला रोड, गल्ला मण्डी, बस स्टेशन होते हुए तिकोनिया पार्क में समापन भाषण के साथ समाप्त हुई। समाजसेवी मोहित मयंक तिवारी ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सभी को समय समय पर पर रक्तदान करते रहना चाहिए। यह इंसानियत की पहचान है। रक्तदान करना हम सबकी जिम्मेदारी है। रक्तदान को अभियान बनाने की जरूरत है।इसमें हर व्यक्ति की सहभागिता जरूरी है।
रक्तदान जागरूकता रैली समापन के बाद संस्था सदस्यों ने ब्लड बैंक जिला अस्पताल में रक्तदान भी किया। रक्तदान शिविर का उद्घाटन समाजसेवी आर. पी. राव ने फीता काट कर किया। रक्तदान करने वालों मे शुभम मिश्रा, पुष्पेन्द्र मिश्रा, अंकुर मिश्रा, ज्ञान यादव, अमन श्रीवास्तव सहित 10 कार्यकर्ता रहे। रैली में अंकित गुप्ता, सोनू मिश्रा, राजेश तिवारी, विवेक तिवारी, पंकज मिश्रा, समाजसेवी मोहित मयंक तिवारी, विन्देश्वरी प्रसाद मिश्रा, शिव कुमार तिवारी, आकाश मिश्रा, कलीम खान, संतोष पाण्डेय, अतुल सिंह, रंजीत भार्गव, अमित मिश्रा, उर्मिला पाण्डेय, सचिन दूबे, बालकृष्ण तिवारि, राधेश्याम, सुरेन्द्र तिवारी, प्रज्ञा तिवारी, विनोद श्रीवास्तव, उदय यादव, राम सजीवन सोनी आदि सैकड़ो संस्था कार्कर्ता मौजूद रहे।

“युवा निराला एकादश” ने “जय श्री एकादश” को हरा किया तेन्दुलकर ट्राफी पर किया कब्जा।

२७ जनवरी। समाजसेवी संस्था “जय श्री फाउण्डेशन” द्वारा आयोजित क्रिकेट फॉर चैरिटी में युवा निराला एकादश ने जय श्री एकादश को 2-1 से मात देकर तेन्दुलकर ट्राफी जीत लिया। टूर्नामेंट का उद्घाटन भाजपा नगर मण्डल अध्यक्ष विनोद पाण्डेय ‘बिन्नू’ फीता काट कर किया। और जय श्री फाउण्डेशन की युवाओं के प्रति किये जा रहे प्रयाशों और समाजसेवा के कार्यों की सराहना की। युवा निराला एकादश के कप्तान आकाश मिश्रा ने कहा कि संस्था ने हमारी टीम को आमंत्रित किया, फाउण्डेशन का आभार। और उप विजेता टीम के कप्तान समाजसेवी मोहित मयंक तिवारी ने युवाओं की जीत पर खुशी जाहिर की और कहां कि हम ऐसे युवाओं के लिए निरंतर आयोजन करने का प्रयास करते रहेंगे। और उनका प्रोत्साहन करते रहेंगे। टूर्नामेंट मे मैन आफ द सीरीज पवन, मैन आफ द मैच पवन और खादिम को शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सोनू मिश्रा, अंकित गुप्ता, मोहित मयंक तिवारी, धीरेन्द्र मिश्रा, संतोष पाण्डेय, पंकज मिश्रा, पुष्पेन्द्र मिश्रा, रंजीत भार्गव, शुभम मिश्रा, विवेक तिवारी, राजेश तिवारी, ज्ञान यादव, प्रिंस यादव सहित सैकड़ो कार्यकर्ता व खिलाड़ी उपस्थित रहे।

स्वरूप योग प्रशिक्षण एवं समगरोपचार ट्रस्ट

स्वरूप योग प्रशिक्षण एवं समगरोपचार ट्रस्ट नागल के तत्वावधान में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम 2015 से चला रही है SWAROOP YOGA (be & make) के रूप में शहर व क़स्बों में क्योंकि स्वरूप योग प्रशिक्षण एवं समगरोपचार ट्रस्ट नागल -247551 का जन्म October 2016 में हुआ परन्तु कार्य व सामाजिक सेवा संस्थापक अध्यक्ष विनित कुमार और ट्रस्टी के सहयोग से जो कि ग्रामीण क्षेत्र से संमबनध रखते है।उनके सहयोग से दिसम्बर 2015-June 2017 तक शहर सहारनपुर में आस पास व देहात के लोगों को सकारात्मक positive mental health therapy camp चलाये व देहात मे SDM stop diabetes movement  पर लेक्चर व योग क्लास को चलाया गया और साथ ही साथ प्रचार किया गया यौगिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा का|

नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक का लोकार्पणu

23 जनवरी 2018 को नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी की जयंती के अवसर पर व्रक्षारोपन के कार्यक्रम के साथ नाईपुर, लोनी, गाजियाबाद में नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक का लोकार्पण किया गया।इसका लोकार्पण नगरपालिका अध्यक्षया के द्वारा किया गया। इस मौके पर लोनी के SDM साहब भी उपस्थित रहे, उन्होंने आर्य मित्र राष्ट्र सेवा संस्थान की टीम को वृक्षारोपण व शहीदो के नाम पर चौराहों के नाम रखने के लिए बधाई दी। और सभी को स्वच्छता अभियान से जुडने को कहा ताकि लोनी स्वच्छ हो सके।

कार्यक्रम का आयोजन – आर्य मित्र राष्ट्र सेवा संस्थान लोनी द्वारा किया गया।

 

women’s products in Lucknow mahotsav

women’s self help group products Stall organised by Ashanand Welfare Society Sultanpur UP at Lucknow Mahotsav 2018 sponsored by NABARD Lucknow. Products are made in villages by women’s of shg’ s like Kohdauri, Bari, ACHAR, Daliya, Aanwla products also Khatri, compost khad etc.

वे कहते हैं, ‘लड़कियों को आपकी दया नहीं, सेनेटरी पैड चाहिए’

हमारे देश में 70 % महिलाएं ऐसी हैं जो कि सेनेटरी पैड अफोर्ड नहीं कर सकतीं. माहवारी में वे कपड़े का उपयोग करने के लिए मजबूर हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिहाज से किसी भी तरह ठीक नहीं. किसी समाज की छवि इससे बदसूरत क्या होगी, जिसमें महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के लिए प्राथमिक ज़रुरतें भी मुहैया नहीं है. यहां तक कि सरकार भी GST लगाने से नहीं कतराती. तो फिर किसको फिक्र है इन महिलाओं की? शुक्र है कुछ ऐसे लोग अब भी बाकी हैं.

इन्हीं में से एक नाम है जयपुर में रहने वाले श्याम जैन का. श्याम पेशे अकाउंटेंट हैं. वे पिछले ग्यारह सालों से महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काम कर रहे हैं. उन्हें जब भी मौका मिलता तो किसी एनजीओ के साथ मिलकर मदद करने लगते. जब उन्हें लगा कि ये प्रयास काफी नहीं तो उन्होंने इस काम को अपने बूते करने की ठानी. हाल ही में उन्होंने जीवन अर्थ नाम की फाउंडेशन के ज़रिए उन सभी महिलाओं की मदद करने की ठानी है जो सेनेटरी पैड्स का खर्चा नहीं उठा सकतीं. उन्होंने इस मुहिम के पहले राउंड में एक लाख सेनेटरी पैड्स बांटने का लक्ष्य रखा है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है.

श्याम बताते हैं “कि परिवार में बचपन से ही ज़रुरतमंदों की मदद करने की सीख मिली. जब पिताजी का स्वर्गवास हुआ तो घर की सारी जिम्मेदारी मुझ पर आ गई. छह बहनों की शादी के बाद आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं थी कि किसी की मदद कर सकूं, लेकिन पत्नी और मां ने मेरा हौसला बढ़ाया. एक दिन एनजीओ के लिए काम करने के दौरान मेडिकल कैंप में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी बातें सामने आई कि दिल दहल गया. कई महिलाएं पीरिड्स के दौरान कपड़े में रेत भरकर इस्तेमाल कर रही थीं. उनके पति उन्हें इस दौरान भी शारीरिक संबंध बनाने के लिए ज़ोर देते और उनसे ढेर सारा काम करवाते, जिसकी वजह से कई महिलाएं यूटरस कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो गईं.”

इसके बाद शुरू हुआ उनके सपनों का सफर. श्याम कहते हैं कि “इस बार एक लाख पैड्स बांटने के लिए हमने स्लम एरिया, आंगनबाड़ी और सरकारी स्कूल चुने हैं, लेकिन लक्ष्य इससे कहीं ज्यादा बड़ा है. मैं ज़रुरतमंद महिलाओं को सारी जिंदगी इस सेवा को निशुल्क देने के लिए तैयार हूं. पैड्स बांटने के अलावा हम इन महिलाओं को हाइजीन के लिए जागरूक भी कर रहे हैं. साथ ही मासिक धर्म से जुड़े मिथक को समाज से दूर करना हमारे लक्ष्य में शामिल है. महिलाओं को दरअसल किसी की दया नहीं, बल्कि सेनेटरी पैड की जरूरत है.”

इस मुहिम की खास बात ये है कि जीवन अर्थ टीम किशोर युवकों की मासिक धर्म के बारे में काउंसलिंग कर रहे हैं. टीम की सदस्य ईशू सैनी का कहना है ” महिलाएं अक्सर इस बात से परेशान रहती हैं कि उनके पति या घर के मर्द शारीरिक और मानसिक तौर पर उन्हें सपोर्ट नहीं करते. किशोरावस्था में उन्हें इस प्रक्रिया की जानकारी देना आसान होता है. इस उम्र में वे महिलाओं को होने वाली इस समस्या को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं”

श्याम की इस पहल से 100 प्रतिशत महिलाओं को तो ये सुविधा नहीं मिल पाएगी लेकिन जितनी भी महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य मिलेगा, वो कम बड़ी बात नहीं. श्याम जैसे मुठ्ठीभर लोग भी इस समाज की सूरत बदलने के लिए काफी है.

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