विकास ले लिए गाँव को लिया गोद

अप्लोम्ब फाउंडेशन द्वारा चलाये गए सर्वे कार्य के संपन्न होने के अवसर पर सहडा में ग्रामीणों के साथ बैठक की. इस वासर पर सहदा गाँव की समस्याओं से अवगत होते हुए वार्ड सदस्य रोहणी देवी ने बताया की गाँव में जल आपूर्ति के लिए पानी टंकी बनाया गया था लेकिन आपूर्ति हेतु जो मोटर लगाया गया था वह तीन वर्षो से ख़राब पड़ा है जिसकी सूचना विभाग को दी गई है लेकिन आजतक मरम्मत नही हो पाया है. मुख्य रूप से गाँव में पेयजल, सिचाई, विधुत एवं शिक्षा की समस्या है ग्रामीणों ने गाँव की तालाब की मरम्मत एवं जलमिनार लगाने की बात कही रोजगार की समस्या के चलते वहां के युवको को पलायन करना पड़ता है सभा में रोते हुए सतिया मसोमाथ ने बताया की उन्हें एक वर्ष से पेंसन नही मिल रहा है जिससे उसके परिवार में भूखमरी जैसी स्थिति पैदा हो गई है. शिष्ट मंडल पंचायत के मुखिया से मिलकर गाँव की समस्या से अवगत हुए उन्होंने गाँव में एक प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की आवश्यकता पर जोर दिया. बैठक में रमेश कश्यप, वार्ड सदस्य रोहणी देवी के अलावा बनारस बिरहोर, अशोक बिरहोर, मानो देवी, फगुनी देवी, किरण भुइयां, सुनील भुइयां तथा सैकड़ो ग्रामीण ने भाग लिया. बैठक का नेतृत्व अप्लोम्ब फाउंडेशन के प्रोग्राम सचिव सुशांत मित्तल, संस्थापक सह सचिव प्रसेन सिन्हा, उपाध्यक्ष भागीरथ प्रसाद सिन्हा व मीडिया सचिव बिरेन्द्र कुमार ने की !

नशा मुक्ति अभियान का आयोजन

बोकारो  के नर्रा पंचायत नशा-विरोधी और नशा-मुक्ति अभियान आकाश गंगा वेलफेयर सोसाइटी के द्वारा  महिलाओं की मदद से किय गया. इन औरतों सहित दर्जनों गांववाले ने इसमे विशेस हिस्सा लिया
इस अभियान में शामिल स्थानीय लोग नशे के कारण युवाओं की बद से बदतर होती हालत को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने आने वाले समय में भी यह अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है क्योंकि यहां के युवाओं में दिन पर दिन नशे की आदत बढ़ती जा रही है.
संस्था के संरक्षक उमेश विश्वकर्मा के  बताया कि उन्होंने अपने सामने युवाओं को नशे के चक्कर में अपनी जिंदगी बर्बाद करते देखा है, इसी कारण उन्होंने इस इलाके को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराने का फैसला लिया है. नशे  की लत ग्रामीण   इलाकों की युवा पीढ़ी के भविष्य को बर्बाद कर रही है.

रांची झारखंड में जन कल्याण संरक्षण एसोसिएशन का पौधारोपण कार्यक्रम सम्पन्न

जन कल्याण  संरक्षण एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रांची झारखंड में पौधारोपण का कार्यक्रम किया जिसमें जन मानस का पूर्ण सहयोग मिला और लोगों को वृक्षारोपण के लिए जागरूक किया गया

मिशन मीरा के तहत महिला द्वारा महिलाओं के लिए उदयपुर में ई-रिक्शा

Mission Meera

श्रीनाथजी सेवा संस्थान की ओर से मिशन मीरा के तहत उदयपुर, राजस्थान में महिलाओं को ई-रिक्षा का परीक्षण दिया जा रहा है. ताकि महिलाऐं आत्म निर्भर होकर आर्थिक रूप से सक्षम हो सके.

श्रीनाथजी सेवा संस्थान और प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा उदयपुर में मिशन मीरा प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई. मिशन मीरा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं द्वारा महिलाओं की सुरक्षा करना है. मिशन मीरा के तहत महिओलाओं को ई-ऑटोरिक्शा प्रदान किया जायेगा.

ई-ऑटोरिक्शा के संचालन और चलने का प्रशिक्षण भी श्रीनाथजी सेवा संस्थान और प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा दिया जाता है. मिशन मीरा के तह महिलाओं महिला रोजगार के लिए जून 17 में प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण के लिए तीसरे बैच को ई-रिक्शा चलने के लिए शुरू किये गए बैच का उद्घाटन उदयपुर के जिला कलेक्टर ने किया. इस अवसर पर मिशन मीरा के प्रोजेक्ट संचालक और प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. मन्ना लाल रावत, श्रीनाथजी सेवा संस्थान की अध्यक्ष साधना खथुरिया, जिले प्रमुख अधिकरीगण और नागरिक मौजूद थे. इस समारोह में पुराने बैच में प्रशिक्षित 25 महिलाओं को भी प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र और ई-रिक्शा चलाने के लाइसेंस प्रदान किये गए.
अशोक लीलैंड की अशोक लीलैंड वाहन चालक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा रेलमगरा, उदयपुर में महिलाओं को ई-रिक्शा और कार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है.
इसमें घरेलु महिओलाओं को श्रीनाथजी सेवा संस्थान द्वारा ई-रिक्शा के लिए मिशन मीरा में शामिल करने के लिए उदयपुर शहर की दस बस्तियों में सर्वे करवाया गया. सर्वे में महिलाओं को मिशन मीरा से वागत करवाया गया और इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया. मिशन मेरा उदयपुर के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. मन्ना लाल रावत द्वारा प्रारंभ किया गया है ताकि महिलाओं को रोजगार मिल सके और महिलाओं के परिवहन के लिए महिला रिक्शा चालक उपलब्ध हो से. श्रीनाथजी सेवा संस्थान की अध्यक्ष साधना खथुरिया ने अपनी टीम के साथ मिलकर मिशन मीरा को मूर्त रूप देने की शुरुआत की जिसके तहत उदयपुर में मिशन मीरा परियोजना कार्यरूप में एक अनुकरणीय परियोजना के रूप में सामने आई है.

एनजीओ में नौकरी के नाम पर युवाओं से करोड़ों रूपये लेकर ठग फरार

दिल्ली के एक एनजीओ पर  मथुरा के करीब दस हजार युवाओं को नौकरी देने का झांसा देकर करोड़ों रूपये की धोखाधड़ी करने में मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है. आरोप है कि एनजीओ ने बाल कल्याण विभाग और शिक्षा क्षेत्र में नौकरी दिलाने का लालच देकर बेरोजगार युवाओं से पैसे ठगे. सभी पीड़ित युवक-युवतियों ने मदद के लिए मथुरा के जिला मैजिस्ट्रेट दफ्तर में शिकायत  है.
शिकायतों के मुताबिक, सेंट पीटर एंड मदर टेरेसा चिल्ड्रन एजुकेशन एंड वेलफेयर नाम के एक एनजीओ ने हजारों युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण और सुपरवाइजर व राज्य निदेशक जैसे पदों पर नियुक्ति का झांसा देकर बेवकूफ बनाया. इसके बदले एनजीओ ने सभी युवाओं से 80,000 से लेकर 1 लाख रुपये तक जमा करने को कहा. पैसे देने के बाद युवाओं को 20,000 तक की नौकरी और 5 साल के अनुबंध का फर्जी कागज दिया गया.
युवाओं का भरोसा जीतने के लिए इस एनजीओ ने अपने कुछ कर्मचारियों को कुछ महीने तक वेतन भी दिया. एनजीओ ने मथुरा में पिछले नवंबर से अपना काम शुरू किया था. इस संगठन का एक दफ्तर मथुरा-गोवर्धन सड़क पर था, जबकि इसका मुख्य ऑफिस नई दिल्ली के बदरपुर इलाके के एक पते पर पंजीकृत दिखाया गया था. आरोप है कि पैसा बटोरने के बाद एनजीओ के सदस्य अब करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए हैं.