विधवा महिलाओं को सिलाई मशीन वितरण

भारतीय खेल उत्थान ट्रस्ट के ओर से पिछले वर्ष की भाति इस वर्ष भी धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र में ७ विधवा महिलाओं को सिलाई मशीन वितरण की गई।
इस कार्य का मुख्य संचालन ट्रस्ट के वाईस प्रिसिडेंट श्री ऍम एस ठाकुर साहेब के द्वारा किया गया।

नशा मुक्ति अभियान के तहत भिवानी में निकाली गई जनजागरूकता रैली

भिवानी. नशा मुक्ति को लेकर स्वास्थ्य विभाग हरियाणा ने नई पहल शुरू करते हुए हर जिला स्तर पर टीमें गठित कर अभियान शुरू कर दिया है. यूनाईटेड नेशन द्वारा शुरू किये गये एंटी ड्रग अभियान के तहत भिवानी में जुलाई में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से नशा मुक्ति अभियान चलाया गया.
इसके तहत भिवानी में रेड क्रॉस सोसायटी भिवानी व सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति रैली निकाली गई, जिसमें स्कूल व कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने हाथों में झंडे-बैनर लेकर शहर के प्रमुख चौराहों से गुजरते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया.
इस चेतना रैली में डॉ. सुमन व प्रोडक्शन ऑफिसर डॉ. मनोज ने बताया कि, नशे की प्रवृत्ति से बचने के लिए न केवल नशा विरोधी नियमों का पालन करना चाहिए, बल्कि अभिभावकों को विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि वे नशे की तरफ आकर्षित न हों. इसके लिए अभिभावकों को बच्चों की प्रवृत्ति का ध्यान रखते हुए उनकी बात सुननी चाहिए. वहीं, बच्चों को भी यह चाहिए वे अपने माता-पिता से हर तरह की समस्या को साझा करें, ताकि वे अवसाद ग्रस्त होकर नशाखोरी की तरफ अग्रसर होने से बच सकें.
भिवानी के सिविल सर्जन अधिकारी के अनुसार इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक स्थलों पर नशीले पदार्थो के सेवन करने वालों के खिलाफ एंटी ड्रग टीम तैयार की है, जो छापेमारी कर सार्वजनिक स्थलों पर बीड़ी, सिरगेट, तम्बाकू, शराब का सेवन करने वाले लोगों की धर-पकड़ करने के साथ ही उनके चालान भी काट रही है. वहीं, दूसरी टीम ड्रग कंट्रोल ऑफिसर की अगुवाई में अवैध रूप से युवाओं को नशा बेचने वाले स्थानों पर छापेमारी कर गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करने के लिए लगाई गई है, जो मैडिकल हॉल, गुपचुप तरीके से मादक पदार्थ स्टोर करने व बेचने वालों पर नजर रख रही है.
गौरतलब है कि जुवेनाईल एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, शराब आदि बेचना कानूनन अपराध है. इस बात को लेकर भी टीम विशेष रूप से सतर्क होकर अपनी निगरानी बढ़ाएगी.

(Source: eenaduindia.com)

भिवानी पुलिस का नशा मुक्ति अभियान का आयोजन

भिवानी : भिवानी में नेता सुभाष चन्द्र बॉस युवा जागृत सेवा समिति, नया सवेरा समिति जेवली, युवा जागृति एवं जनकल्याण मिशन ट्रष्ट, जयहिंद मंच व साई कराटे डू एसोसिएशन द्वारा बाढड़ा थाने में नशा जहर है पर सेमिनार, नुक्कड़ सन्देश व संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने की. जागरूक अभियान में स्वागत अध्यक्ष थाना प्रभारी एस.एच.ओ. सूरजभान रहे. समारोह में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय युवा पुरस्कार अवार्डी अशोक भारद्वाज, जयहिंद मंच के राष्ट्रीय महासचिव नवीन जयहिंद व समाजसेवी रमेश सैनी ने शिरकत कर युवाओं को जागरूक किया.
नशा मुक्त भारत अभियान का तीसरा चरण नशा मुक्त चरण सामाजिक संगठनों के साथ शुरू किया. जिसमें समीप के 13 गांवों के युवाओं ने समारोह में संकल्प लिया कि वे जीवन में न तो नशा करेंगे और न ही नशा करने देंगे. वे नशा करने वाले लोगों को नसीहत देेंगे.समारोह में नशा छोड़ने वाले व नशे के प्रति जागरूकता लाने वाले युवाओं को समिति द्वारा सम्मानित किया गया. समारोह में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे अध्यक्ष बालयोगी महंत चरणदास महाराज, थाना प्रभारी सूरजभान व भिवानी थाना से पुलिस अधिकारी सावन कुमार, जयहिंद मंच के राष्ट्रीय महासचिव नवीन जयहिंद ने कहा कि नशे की बुराई सभी सामाजिक बुराई में सबसे बड़ी बुराई है.
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रयास होना चाहिए जिससे किसी का जीवन बच सके. समाज में बदलाव लाने के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना होगा, तभी इन बुराइयों को खत्म कर सकते हैं. आज हमारे सामने युवाओं के नशे का शिकार होना एक सबसे बड़ी सामाजिक समस्या पैदा हो रही है जो कल के होने वाले देश के जांबाज कर्णधार हैं. आज वही सबसे ज्यादा नशे के शिकार हैं. आज देश धर्म नौजवानों की जरूरत है यदि नशा रहा तो देश को ताकतवर भी नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र को बर्बाद कर देता है. इसलिए युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाकर रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है. युवा वर्ग नशे की दलदल में फंसने से बचे और शिक्षा खेलों की ओर ध्यान लगाएं.
(Source: punjabkesari.in)

स्वरूप योग प्रशिक्षण एवं समगरोपचार ट्रस्ट

स्वरूप योग प्रशिक्षण एवं समगरोपचार ट्रस्ट उत्तर प्रदेशमें बिना किसी स्वार्थ के,और इसमें आनन्द व इसके प्रति अपने आप को समर्पित करते हुये तत्पर है. ट्रस्ट द्वारा पिछले काफ़ी समय से इसके संस्थापक अध्यक्ष श्री विनित कुमार योग व योग के द्वारा इलाज,नैचरोपैथी से इलाज,आयुर्वेद से इलाज, मेडिटेशन से इलाज ,बच्चों के लिये यौगिक खेल ,और ग़रीब बेसहार लोगों के लिये मुफ़्त में मधुमेह का इलाज किया और उस पर रिसर्च भी की कि योग करने के पहले उनके शरीर की क्या दशा थी और बाद मे कितना आराम उनको मिला 30 दिन योग थेरेपी कराने के पश्चात जब उनका पैरामीटर्स लिया गया ,देशी गाय के मूत्र से बनी दवा जो लोगों को लकवा ,क़ब्ज़ ,कैंसर जैसे रोगों से दूर रखने मे मदद करती है ,उसको हमारी ट्रस्ट मुफ़्त मे दे रही है ,जिसका सारा भार हमारे संचालक विनित कुमार,और साथ ही साथ बच्चों की निःशुल्क शिक्षा व स्वास्थ्य संबनधित एवं संस्कृत का विघालय अपनी ट्रस्ट के माध्यम से खोलना चाहते है,जहाँ पर वो उच्च शिक्षा व उनके मित्र जो SVYASA योग युनिवरसिटी मे diets,व हैल्थ के डाक्टर है जो प्रत्येक महिने मे एक बार लेक्चर दे ,जिसके लिये वो चाहते है आगे चलकर केन्द्र व राज्य सरकार उनकी मदद करे इस उच्च कार्य मे वो भी निस्वार्थ।

स्वरूप योग प्रशिक्षण एवं समगरोपचार ट्रस्ट

E- swaroopyoga2015@gmail.com

 

महिलाओं के लिए बल्लभगढ़ में आजीविका प्रशिक्षण कार्यक्रम

आनंदम ट्रस्ट की ओर से हरियाणा के बल्लभगढ़ में रोजगार प्रशिक्षण के तहत महिलाओं को सिलाई, कढाई, ब्यूटिशियन और कंप्यूटर के प्रशिक्षण दिए जा रहे है.

मिशन मीरा के तहत महिला द्वारा महिलाओं के लिए उदयपुर में ई-रिक्शा

Mission Meera

श्रीनाथजी सेवा संस्थान की ओर से मिशन मीरा के तहत उदयपुर, राजस्थान में महिलाओं को ई-रिक्षा का परीक्षण दिया जा रहा है. ताकि महिलाऐं आत्म निर्भर होकर आर्थिक रूप से सक्षम हो सके.

श्रीनाथजी सेवा संस्थान और प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा उदयपुर में मिशन मीरा प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई. मिशन मीरा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं द्वारा महिलाओं की सुरक्षा करना है. मिशन मीरा के तहत महिओलाओं को ई-ऑटोरिक्शा प्रदान किया जायेगा.

ई-ऑटोरिक्शा के संचालन और चलने का प्रशिक्षण भी श्रीनाथजी सेवा संस्थान और प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा दिया जाता है. मिशन मीरा के तह महिलाओं महिला रोजगार के लिए जून 17 में प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण के लिए तीसरे बैच को ई-रिक्शा चलने के लिए शुरू किये गए बैच का उद्घाटन उदयपुर के जिला कलेक्टर ने किया. इस अवसर पर मिशन मीरा के प्रोजेक्ट संचालक और प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. मन्ना लाल रावत, श्रीनाथजी सेवा संस्थान की अध्यक्ष साधना खथुरिया, जिले प्रमुख अधिकरीगण और नागरिक मौजूद थे. इस समारोह में पुराने बैच में प्रशिक्षित 25 महिलाओं को भी प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र और ई-रिक्शा चलाने के लाइसेंस प्रदान किये गए.
अशोक लीलैंड की अशोक लीलैंड वाहन चालक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा रेलमगरा, उदयपुर में महिलाओं को ई-रिक्शा और कार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है.
इसमें घरेलु महिओलाओं को श्रीनाथजी सेवा संस्थान द्वारा ई-रिक्शा के लिए मिशन मीरा में शामिल करने के लिए उदयपुर शहर की दस बस्तियों में सर्वे करवाया गया. सर्वे में महिलाओं को मिशन मीरा से वागत करवाया गया और इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया. मिशन मेरा उदयपुर के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. मन्ना लाल रावत द्वारा प्रारंभ किया गया है ताकि महिलाओं को रोजगार मिल सके और महिलाओं के परिवहन के लिए महिला रिक्शा चालक उपलब्ध हो से. श्रीनाथजी सेवा संस्थान की अध्यक्ष साधना खथुरिया ने अपनी टीम के साथ मिलकर मिशन मीरा को मूर्त रूप देने की शुरुआत की जिसके तहत उदयपुर में मिशन मीरा परियोजना कार्यरूप में एक अनुकरणीय परियोजना के रूप में सामने आई है.

एनजीओ में नौकरी के नाम पर युवाओं से करोड़ों रूपये लेकर ठग फरार

दिल्ली के एक एनजीओ पर  मथुरा के करीब दस हजार युवाओं को नौकरी देने का झांसा देकर करोड़ों रूपये की धोखाधड़ी करने में मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है. आरोप है कि एनजीओ ने बाल कल्याण विभाग और शिक्षा क्षेत्र में नौकरी दिलाने का लालच देकर बेरोजगार युवाओं से पैसे ठगे. सभी पीड़ित युवक-युवतियों ने मदद के लिए मथुरा के जिला मैजिस्ट्रेट दफ्तर में शिकायत  है.
शिकायतों के मुताबिक, सेंट पीटर एंड मदर टेरेसा चिल्ड्रन एजुकेशन एंड वेलफेयर नाम के एक एनजीओ ने हजारों युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण और सुपरवाइजर व राज्य निदेशक जैसे पदों पर नियुक्ति का झांसा देकर बेवकूफ बनाया. इसके बदले एनजीओ ने सभी युवाओं से 80,000 से लेकर 1 लाख रुपये तक जमा करने को कहा. पैसे देने के बाद युवाओं को 20,000 तक की नौकरी और 5 साल के अनुबंध का फर्जी कागज दिया गया.
युवाओं का भरोसा जीतने के लिए इस एनजीओ ने अपने कुछ कर्मचारियों को कुछ महीने तक वेतन भी दिया. एनजीओ ने मथुरा में पिछले नवंबर से अपना काम शुरू किया था. इस संगठन का एक दफ्तर मथुरा-गोवर्धन सड़क पर था, जबकि इसका मुख्य ऑफिस नई दिल्ली के बदरपुर इलाके के एक पते पर पंजीकृत दिखाया गया था. आरोप है कि पैसा बटोरने के बाद एनजीओ के सदस्य अब करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए हैं.

हाईवे पर शराबबंदी पर सुप्रीम कोर्ट में संस्थान की याचिका

नई दिल्ली: चंडीगढ में कई जगह हाईवे का नाम बदलकर ‘ मेजर डिस्ट्रिक रोड’ का नाम कर दिया गया है. इसी को लेकर एराइव सेफ इंडिया एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. सुप्रीम कोर्ट एराइव सेफ इंडिया में एनजीओ की याचिका पर सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि अगर कोई स्टेट हाइवे सिटी के बीच से होकर गुजरता है तो अगर उसे डिनोटिफाई किया जाता है तो पहली नजर में गलत नजर नही होगा. क्योंकि शहर के बीच से गाड़िया आम तौर ओर धीमी रफ्तार से चलती है.

सिटी के अंदर के हाईवे और बिना सिटी के हाईवे में बहुत अंतर है. हाइवे का मतलब है जहां तेज रफ्तार में गाडियां चलती हों. सुप्रीम कोर्ट ने कहा हमारे आदेश का उद्देश्य सिर्फ ये था कि हाइवे के पास शराब उपलब्ध न हो क्योंकि लोग शराब पी कर तेजी से गाड़ी चलाते है और दुर्घटना हो जाती है.

याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर शराब की दुकानों को बंद करने का फैसला जनहित में लिया था क्योंकि इससे सडक दुर्घटनाएं होती हैं. ऐसे में चंडीगढ प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निस्प्रभावी करने के लिए 16 मार्च 2017 का नोटिफिकेशन अवैध है और रद्द किया जाना चाहिए. हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट इस याचिका को खारिज कर चुका है.

(Source: https://khabar.ndtv.com)