मलिन बस्ती में स्वच्छता को बढ़ावा देने जागरूकता रैली आयोजित

दिल्ली| आरोह फाउंडेशन द्वारा ‘पढ़ो और बढ़ो’ परियोजना  के तहत नामांकित 50 वंचित बच्चों के माध्यम से दल्लूपुरा की मलिन बस्ती  में स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक जागरूकता  रैली का आयोजन किया गया। बच्चों ने दल्लूपुरा समुदाय में स्वच्छता को प्रोत्साहित करने के लिए  तख्तियां लेकर नारे लगाए और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण होने वाली विभिन्न  ख़तरनाक बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक किया।

रैली में बच्चों का मनोबल बढ़ाने के लिए आरोह फाउंडेशन की  संस्थापक नीलम गुप्ता, प्रबंधन स्टाफ और  बच्चों के परिवार के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की। संस्था अपनी परियोजनाओं जैसे-‘पढ़ो और बढ़ो’, ‘गरिमा’ के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को नि:शुल्क शिक्षा, कौशल विकास, आजीविका के अवसर, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ, गैर-शैक्षिक अवसर एवं नवीन शिक्षण पद्धतियां प्रदान कर उनके विकास में उत्प्रेरक रही है तथा उन लोगों को संसाधनों के रूप में सशक्त बनाने में विश्वास रखती है। इसी मिशन पर कार्य करते हुए, संस्था समस्त भारत के 18 विभिन्न राज्यों में कौशल विकास, समग्र ग्राम विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ भारत मिशन, स्थिरता और महिला सशक्तिकरण आदि में सक्रिय है। जिसके माध्यम से लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर लोगों को गंदगी के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने और अपने देश को बेहतर निवास बनाने की शपथ ली गई।

सिलाई एवं मेंहदी सेंटर का उद्घाटन

बुनियादी विकास समाज सेवी संस्थान ने दिल्ली में सिलाई एवं मेंहदी सेंटर शुरु किया है, जिसमें जरूरतमंद गरीब महिलाओं व लड़कियों के लिए सिलाई एवम् मेहँदी सेंटर का शुभारम्भ लक्ष्मी नगर में किया गया. इस सिलाई एवं मेंहदी सेंटर का उद्घाटन शंकर पुर थाना के थानाध्यक्ष श्री वी. के. शर्मा ने किया.
इस अवसर पर उन्होंने कहा की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की जो शुरुआत संस्था ने की है वो वाकई एक प्रशंसा का कार्य है जिसके लिए उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों का आभार प्रकट किया. इस अवसर पर नेटा डिसूजा (महासचिव – अ .भा .महिला कांग्रेस) इशरत जहां (पूर्व निगम पार्षद), साई अनामिका (अध्यक्ष – दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस) दीपक कुमार गुप्ता (उपाध्यक्ष ज़िला कृष्णा नगर) नबीला अहमद (महासचिव – दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस) चौधरी सलमान क़ादिर (प्रवक्ता – उ प्र कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग) शहाना मसूद( पूर्व कागे्रस उम्मीदवार) फ़रीद अहमद समाज सेवक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे.

कुड़वार थाना परिसर में कराया वृक्षारोपण

नई दिल्ली| “जय श्री फाउण्डेशन” और “घर सुल्तानपुर फाउण्डेशन” के संयुक्त तत्वाधान में 13 जुलाई 17 को “वृक्षारोपण अभियान” कार्यक्रम के अंतर्गत कुड़वार थाना परिसर में आम, अशोका, नीम आदि वृक्षो का वृक्षारोपण थानाधिकारी अजय प्रताप सिंह की उपस्थिति में कराया गया। और साथ ही कार्यक्रम में उप्स्थित सभी को वृक्ष लगाने, पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण न फैलाने की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर मोहित मयंक तिवारी, शिवाकान्त पाण्डेय, संतोष पाण्डेय, आदित्य तिवारी, राजेश तिवारी, सत्यम पाण्डेय, उप निरीक्षक हवलदार यादव, सुनील कुमार वाजपेयी सहित दर्जनों संस्था कार्यकर्ता मौजूद रहे।

स्कूल की बिल्डिंग के उद्घाटन के अवसर पर पौधारोपण

7 अक्टूबर 2017 को जौहरी पुर (दिल्ली)  स्थित एक सरकारी विद्यालय के नव निर्माण के उद्घाटन के अवसर पर आर्य मित्र राष्ट्र सेवा संस्थान द्वारा मुख्य अतिथि माननीय विधायक चौधरी फ़तेह सिंह एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य को पौधा देकर सम्मानित किया और वृक्षारोपण किया।

इस अवसर पर संतान के मोहित त्यागी, कुंवर पाल, सूर्य कान्त, प्रदीप, प्रशांत व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

वृक्षारोपण के साथ स्वच्छ भारत अभियान

Tree Plantation in Delhi

दिल्ली.  आर्य मित्र राष्ट्र सेवा संस्थान की ओर से दिल्ली में यमुना विहार फ्लाईओवर के नीचे वृक्षारोपण व सफाई कार्य किया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री महात्मा गांधी की जयंती पर आज संस्थान द्वारा 121 वृक्ष लगाए गए. संस्थान द्वारा लोगों को जागरूक करते हुए वृक्षों तथा स्वच्छता का जीवन में  महत्व बताया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में गोकलपुर विधायक फ़तह_सिंह मौजूद थे।
विभिन्न संगठनों से आये हुए कार्यकर्ताओं ने इस वृक्षारोपण में भाग लिया। आर्य मित्र राष्ट्र सेवा संस्थान के मोहित त्यागी की ओर से वृक्षारोपण में भाग लेने आए व्यक्तिओं और कर्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया गया.

Celebration of life event organised

Sahibabad. Celebration of life-1, A social event by Good Enough Foundation, held at Ramraj Seva Sansthan (Trust) Orphanage Sahibabad on Sunday, the 30 th July.
Celebration of life -1 (July 2017 ) – This event was a birthday celebration for the children of this orphanage which included cake cutting ceremony of all children in a fun and frolic atmosphere.

Children enjoyed the music, dance and doing fun, playing musical based games, a surprise element for them, was character of spider man who met them and played with them well as shared awareness messages,event concluded with birthday based meal and distribution of gifts to all.

 

Australian embassy, NGO launch reading program for kids

The Australian High Commission has undertaken an initiative called the Direct Aid Programme (DAP) with the objective to help people who are below the poverty line.
The Australian High Commission, in collaboration with a Delhi based NGO, Katha, on Thursday, launched a programme to inculcate reading habits among underprivileged children in Delhi. The programme- ‘I love reading’ will be imparting education to young children by providing colourful books.

The Australian High Commission has undertaken an initiative called the Direct Aid Programme (DAP) with the objective to help people who are below the poverty line. The joint initiative by the High Commission and the Delhi based NGO aims to reach out to three million children and provide basic education to them. According to the officials, they are focusing primarily on various primary schools of India.

The NGO has printed and distributed culturally and gender sensitive reading books to the municipal schools and community libraries in Delhi and Rajasthan, because they believe such colourful books can attract more children towards education.

“We have a number of development objectives as a part of DAP. Education and literacy is one of the key objectives of the programme. The way this NGO is delivering literacy through a very unusual manner,” said Australian High Commissioner Harinder Sidhu.

As per the report published by UNESCO in September 2016, nearly 50 per cent of children in India are deprived of education. Statistics show that with an estimated 300 million children, only 150 million are fortunate enough to receive basic education.

“The objective of DAP is to maximize the impact in a particular field be it education or women empowerment. This organisation, we have been supporting for the last two three years have successfully delivered literacy to a million of students. We have an ambitious goal of reaching the remaining 150 million students in India,” she added.

मिशन मीरा के तहत महिला द्वारा महिलाओं के लिए उदयपुर में ई-रिक्शा

Mission Meera

श्रीनाथजी सेवा संस्थान की ओर से मिशन मीरा के तहत उदयपुर, राजस्थान में महिलाओं को ई-रिक्षा का परीक्षण दिया जा रहा है. ताकि महिलाऐं आत्म निर्भर होकर आर्थिक रूप से सक्षम हो सके.

श्रीनाथजी सेवा संस्थान और प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा उदयपुर में मिशन मीरा प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई. मिशन मीरा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं द्वारा महिलाओं की सुरक्षा करना है. मिशन मीरा के तहत महिओलाओं को ई-ऑटोरिक्शा प्रदान किया जायेगा.

ई-ऑटोरिक्शा के संचालन और चलने का प्रशिक्षण भी श्रीनाथजी सेवा संस्थान और प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा दिया जाता है. मिशन मीरा के तह महिलाओं महिला रोजगार के लिए जून 17 में प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण के लिए तीसरे बैच को ई-रिक्शा चलने के लिए शुरू किये गए बैच का उद्घाटन उदयपुर के जिला कलेक्टर ने किया. इस अवसर पर मिशन मीरा के प्रोजेक्ट संचालक और प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. मन्ना लाल रावत, श्रीनाथजी सेवा संस्थान की अध्यक्ष साधना खथुरिया, जिले प्रमुख अधिकरीगण और नागरिक मौजूद थे. इस समारोह में पुराने बैच में प्रशिक्षित 25 महिलाओं को भी प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र और ई-रिक्शा चलाने के लाइसेंस प्रदान किये गए.
अशोक लीलैंड की अशोक लीलैंड वाहन चालक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा रेलमगरा, उदयपुर में महिलाओं को ई-रिक्शा और कार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है.
इसमें घरेलु महिओलाओं को श्रीनाथजी सेवा संस्थान द्वारा ई-रिक्शा के लिए मिशन मीरा में शामिल करने के लिए उदयपुर शहर की दस बस्तियों में सर्वे करवाया गया. सर्वे में महिलाओं को मिशन मीरा से वागत करवाया गया और इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया. मिशन मेरा उदयपुर के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. मन्ना लाल रावत द्वारा प्रारंभ किया गया है ताकि महिलाओं को रोजगार मिल सके और महिलाओं के परिवहन के लिए महिला रिक्शा चालक उपलब्ध हो से. श्रीनाथजी सेवा संस्थान की अध्यक्ष साधना खथुरिया ने अपनी टीम के साथ मिलकर मिशन मीरा को मूर्त रूप देने की शुरुआत की जिसके तहत उदयपुर में मिशन मीरा परियोजना कार्यरूप में एक अनुकरणीय परियोजना के रूप में सामने आई है.

Former economist transforming lives of the poorest of the poor in Dehradun

Dehradun. GK Swamy, founder of the Purkal Youth Development Society (PYDS) Learning Academy a school for the ‘poorest of the poor’ on the outskirts of Dehradun is like having a lesson in what one can achieve if one sets out to work selflessly for others. Swamy, who is now in his early 80s laid the basis for the school albeit unknowingly after he shifted to the Doon valley post his retirement from Mumbai almost 20 years ago.
With time on his hands, the former economist started teaching local children at his home in Purkal village almost 20 km from Dehradun city, while his wife Chinni ensured that the children had enough to eat by cooking meals for them. Soon, more and more children started flocking to the couple necessitating the home classes to shift to a nearby building where the children were given after-school tutoring. The aim, recalls Swamy, was to help the children make the transition to a good English medium school from the village Hindi medium school. “Poor children have to learn only in Hindi, while children of the elite go to English medium schools. This policy has hindered upward mobility and denied poor children access to good education. We wanted to change that.”
Not only did Swamy managed to change that, his after-school bridge centre soon grew into a full-fledged school (pre-school to class XII) which is now affiliated with the CBSE and is offering a quality of education to children from several villages in and around Dehradun that is comparable, if not better than most private schools. Many of the school’s alumni — mostly sons and daughters of maids, labourers, casual workers and gardeners have got scholarships after passing out and are now studying in premier universities in the US and across the world. “I believe that all children have immense potential and poverty should not be an obstacle in bringing it out. That is why, we give them an education which ensures that they and their families never have to get back to the life that they started from.”
Swamy’s accent is not just on quality education, he also emphasises on the need for children to be provided wholesome food. As a result, all the 510 children in the school are provided four daily meals cooked fresh in the school and are picked up from home and dropped back. The school also ensures periodic health check-up of every child and keeps all their medical records till they pass out . Plus, there is an insistence on every student speaking in English which as Swamy points out, is essential if the students are to have an edge in a competitive world, and emerge as self-confident individuals. The cost of educating each child is around Rs one lakh per annum and the annual expenses of over Rs 5 crore are met entirely by donations. “We are lucky to have people supporting our work but it is a constant challenge to generate enough funds to ensure that the quality of education is not compromised.”

The school has also introduced innovations like having teacher mentors individuals who sit in each class and give feedback to teachers, as well as ‘remedial teachers’ whose work is to conduct one-to-one sessions with students in order to ensure that they catch up.
The efforts put by Swamy and his teachers are evident when one interacts with the students. Two students, Mansi Chhetri and Shivam Belwal recently featured among the top .1% scorers for English subject in CBSE schools across India.

In the recent group of students who passed out in March this year, most have already got scholarships for pursuing higher education in fields like fashion designing, physiotherapy, hospitality, mass communication and architecture from renowned colleges. One student, Jyoti Mamgain, daughter of a lady worker in PYDS’s Stree Shakti division (which helps provide self-employment to rural women) recently got selected for a 100% scholarship for a four-year university programme in the US.
Another girl, Aditi Thapli, daughter of a small kiosk owner, is going to Wharton School for a summer training programme while Shalini Sharma, daughter of a gardener, has won the Kennedy Lugar scholarship and will be going to the USA for one year. “This school has given be the confidence that I can be anything I want, if only I work hard enough. My life took a turn since I enrolled here six years ago,” said Muskan Godiyal, a class X student who is also a Brown University scholar, having attended a cultural exchange programme in USA. She is also the daughter of a gardener.

(Source: Times of India)

एनजीओ में नौकरी के नाम पर युवाओं से करोड़ों रूपये लेकर ठग फरार

दिल्ली के एक एनजीओ पर  मथुरा के करीब दस हजार युवाओं को नौकरी देने का झांसा देकर करोड़ों रूपये की धोखाधड़ी करने में मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है. आरोप है कि एनजीओ ने बाल कल्याण विभाग और शिक्षा क्षेत्र में नौकरी दिलाने का लालच देकर बेरोजगार युवाओं से पैसे ठगे. सभी पीड़ित युवक-युवतियों ने मदद के लिए मथुरा के जिला मैजिस्ट्रेट दफ्तर में शिकायत  है.
शिकायतों के मुताबिक, सेंट पीटर एंड मदर टेरेसा चिल्ड्रन एजुकेशन एंड वेलफेयर नाम के एक एनजीओ ने हजारों युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण और सुपरवाइजर व राज्य निदेशक जैसे पदों पर नियुक्ति का झांसा देकर बेवकूफ बनाया. इसके बदले एनजीओ ने सभी युवाओं से 80,000 से लेकर 1 लाख रुपये तक जमा करने को कहा. पैसे देने के बाद युवाओं को 20,000 तक की नौकरी और 5 साल के अनुबंध का फर्जी कागज दिया गया.
युवाओं का भरोसा जीतने के लिए इस एनजीओ ने अपने कुछ कर्मचारियों को कुछ महीने तक वेतन भी दिया. एनजीओ ने मथुरा में पिछले नवंबर से अपना काम शुरू किया था. इस संगठन का एक दफ्तर मथुरा-गोवर्धन सड़क पर था, जबकि इसका मुख्य ऑफिस नई दिल्ली के बदरपुर इलाके के एक पते पर पंजीकृत दिखाया गया था. आरोप है कि पैसा बटोरने के बाद एनजीओ के सदस्य अब करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए हैं.

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