हिमाचल में महिलाओं ने संभाली गांजे से नशा-मुक्ति अभियान की कमान

शिमला. हिमाचल प्रदेश में नशा-विरोधी और नशा-मुक्ति अभियान के समर्थन में राजधान शिमला के रामपुर इलाके की महिलाओं ने गांजे की खेती नष्ट करने का अभियान शुरू किया है. इन औरतों सहित दर्जनों गांववाले रामपुर के इन खेतों में इकट्ठे होकर गांजे के पौधे उखाड़ दिए.
इस अभियान में शामिल स्थानीय लोग नशे के कारण युवाओं की बद से बदतर होती हालत को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने आने वाले समय में भी यह अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है क्योंकि यहां के युवाओं में दिन पर दिन नशे की आदत बढ़ती जा रही है.
एक स्थानीय कांता देवी ने बताया कि उन्होंने अपने सामने युवाओं को नशे के चक्कर में अपनी जिंदगी बर्बाद करते देखा है, इसी कारण उन्होंने इस इलाके को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराने का फैसला लिया है. कांता की तरह ही एक और स्थानीय मीना कुमारी से बात हुई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने गांजे के खेती इसलिए नष्ट की ताकि लोग इसका नशे के लिए उपयोग न कर सकें. नशे की लत हिमाचल के ग्रामीण इलाकों की युवा पीढ़ी के भविष्य को बर्बाद कर रही है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल्लू जिले में गांजे की खेती मलाणा, कसौल और दूसरे ऊपरी इलाकों में ज्यादा होती है, जबकि जम्मू-कश्मीर के डोडा इलाके की सीमा से सटे चंबा जिले में मुख्य रूप से केहर, तिस्सा और भरमौर जैसे दूर-दराज के हिस्सों में इसकी खेती की जाती है.
(Source: indiatimes.com)

मिशन मीरा के तहत महिला द्वारा महिलाओं के लिए उदयपुर में ई-रिक्शा

Mission Meera

श्रीनाथजी सेवा संस्थान की ओर से मिशन मीरा के तहत उदयपुर, राजस्थान में महिलाओं को ई-रिक्षा का परीक्षण दिया जा रहा है. ताकि महिलाऐं आत्म निर्भर होकर आर्थिक रूप से सक्षम हो सके.

श्रीनाथजी सेवा संस्थान और प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा उदयपुर में मिशन मीरा प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई. मिशन मीरा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं द्वारा महिलाओं की सुरक्षा करना है. मिशन मीरा के तहत महिओलाओं को ई-ऑटोरिक्शा प्रदान किया जायेगा.

ई-ऑटोरिक्शा के संचालन और चलने का प्रशिक्षण भी श्रीनाथजी सेवा संस्थान और प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा दिया जाता है. मिशन मीरा के तह महिलाओं महिला रोजगार के लिए जून 17 में प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण के लिए तीसरे बैच को ई-रिक्शा चलने के लिए शुरू किये गए बैच का उद्घाटन उदयपुर के जिला कलेक्टर ने किया. इस अवसर पर मिशन मीरा के प्रोजेक्ट संचालक और प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. मन्ना लाल रावत, श्रीनाथजी सेवा संस्थान की अध्यक्ष साधना खथुरिया, जिले प्रमुख अधिकरीगण और नागरिक मौजूद थे. इस समारोह में पुराने बैच में प्रशिक्षित 25 महिलाओं को भी प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र और ई-रिक्शा चलाने के लाइसेंस प्रदान किये गए.
अशोक लीलैंड की अशोक लीलैंड वाहन चालक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा रेलमगरा, उदयपुर में महिलाओं को ई-रिक्शा और कार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है.
इसमें घरेलु महिओलाओं को श्रीनाथजी सेवा संस्थान द्वारा ई-रिक्शा के लिए मिशन मीरा में शामिल करने के लिए उदयपुर शहर की दस बस्तियों में सर्वे करवाया गया. सर्वे में महिलाओं को मिशन मीरा से वागत करवाया गया और इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया. मिशन मेरा उदयपुर के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. मन्ना लाल रावत द्वारा प्रारंभ किया गया है ताकि महिलाओं को रोजगार मिल सके और महिलाओं के परिवहन के लिए महिला रिक्शा चालक उपलब्ध हो से. श्रीनाथजी सेवा संस्थान की अध्यक्ष साधना खथुरिया ने अपनी टीम के साथ मिलकर मिशन मीरा को मूर्त रूप देने की शुरुआत की जिसके तहत उदयपुर में मिशन मीरा परियोजना कार्यरूप में एक अनुकरणीय परियोजना के रूप में सामने आई है.