पर्यावरण की रक्षा में हुआ शँखनाद – राकेश मिश्रा

राजस्थान प्रदेश में जयपुर जिले की विराटनगर तहसील के रहने वाले तीस वर्षीय युवा ने ना सिर्फ सवा लाख पेड़ लगाए बल्कि अपने इस संघर्षमयी संकल्प में लाखों लोगों को जागरूक किया……क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक इंसान,जिसने अपना घर इसलिये छोड़ दिया हो ताकि वो दुनिया को हरा भरा कर सके,
उस इंसान ने तय किया है कि वो तब तक नये कपड़े नहीं पहनेगा और नंगे पैर रहेगा जब तक वो सवा लाख पेड़ नहीं लगा लेता,हवा को सांस लेने लायक बनाने के लिये उस इंसान ने अपनी गाड़ी और दूसरा बहुमूल्य सामान तक बेच दिया हो…. ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिये दुनिया के सभी देश पेरिस समझौता लागू करने पर जोर दे रहे हैं,लेकिन वो इंसान अकेला ही इस समस्या से निपटने के लिये बीते साल 10 फरवरी 2016 से पेड़ लगाने में जुटा हुआ है,राजस्थान के जयपुर शहर के विराटनगर कस्बे में रहने वाले 30 वर्षीय राकेश मिश्रा अब तक करीब 1 लाख 62 हजार पेड़ लगा चुके हैं।

इसके अलावा मिश्रा अपनी संस्था ‘नया सवेरा संस्था’ के जरिये महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ साथ गरीब बच्चों को शिक्षित बनाने का काम कर रहे हैं,राकेश को समाज सेवा की प्रेरणा अपने दादाजी श्री रामेश्वर प्रसाद मिश्रा जी से विरासत में मिली।वो खुद एक UDC कलर्क थे साथ ही समाजसेवक भी।
जो बचपन से ही राकेश को सामाजिक परेशानियों और उनके कारणों के बारे में जानकारी देते रहते थे।इस वजह से बचपन से ही राकेश का रूझान समाजसेवा की ओर हो गया।
जिसके बाद साल 2002 में उन्होने ‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera Sanstha) नाम से एक स्वंय सेवी संस्था की स्थापना की।

उन्होने अपने काम की शुरूआत पोलियो मुक्त अभियान (Polio free campaign) के साथ की। इस अभियान के तहत वो नुक्कड़ नाटकों के जरिये लोगों को पोलियो के खिलाफ जागरूक करते थे लेकिन पेड़ लगाने (tree plantation) का ख्याल उनको गाँवों में पहाड़ों से लकड़ियाँ काट कर ला रही महिलाओं को देखकर हुआ की एक दिन सारे पेड़ कट जायेंगे तो विनाश हो जायेगा तब दिमाग में आया की अब पर्यावरण के लिए कुछ ऐसा करना है जो किसी ने ना किया हो,तब उन्होने महसूस किया कि पर्यावरण में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है और इसके लिये दिनों दिन कम होते पेड़ जिम्मेदार हैं साथ ही लोग भी जागरूक नहीं हैं।जिसके बाद उन्होने तय किया कि वो अकेले ही पेड़ लगाने का काम करेंगे साथ ही लोगों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक (environmental awareness) करेंगे।इस तरह उन्होने 10 फरवरी 2016 से पेड़ लगाने की मुहिम को शुरू किया साथ ही उन्होने चार संकल्प लिये। राकेश मिश्रा (Rakesh Mishra) के मुताबिक लिए गए संकल्प…..

जब तक मैं सवा लाख पेड़ नहीं लगा लेता तब तक-
*मैं अपने घर नहीं जाऊंगा?*
*नंगे पैर रहूंगा?*
*दिन में एक बार भोजन करूंगा?*
*नये कपड़े नहीं पहनूंगा और?*

उन्होंने ऐसा सिर्फ पर्यावरण के लिए लोगों को जागरूक करके वृक्ष लगाने और उनकी जिम्मेदारी निभाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया,राकेश ने पहले चरण में पेड़ लगाने की शुरूआत अपनी संस्था ‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera Sanstha) के तहत विराटनगर से शुरू की।उनकी इस मुहिम में अब राजस्थान के अलावा हरियाणा,दिल्ली,उत्तरप्रदेश,महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश,उत्तराखण्ड,गुजरात,असम,उड़ीसा,के लोग भी शामिल हुए हैं,
अब तक वो कुल 1 लाख 62 हजार पेड़ लगा चुके हैं।राकेश मिश्रा ने केवल सवा लाख पेड़ लगाने का ही लक्ष्य नहीं रखा है बल्कि उन पेड़ों की देखभाल का भी जिम्मा भी उठाया और ऐसी जगह पर वृक्षारोपण किया जो उन वृक्षों को पालने की जिम्मेदारी ले सकें।हालांकि उनके इस काम में अब
‘नया सवेरा संस्था’ (Naya Sawera) के सदस्य भी उनकी मदद कर रहे हैं,जिनमें संस्था की निदेशिका व राष्ट्रीय सचिव माण्डवी मिश्रा का भरपूर सहयोग मिला है माण्डवी मिश्रा उत्तरप्रदेश में रायबरेली जिले की रहने वाली और अभी लॉ स्टूडेंट हैं माण्डवी मिश्रा नया सवेरा संस्था की निदेशिका होने के साथ साथ सामाजिक कार्यों में भी अपनी रूचि रखती हैं,माण्डवी मिश्रा अपनी राष्ट्र भाषा हिन्दी के सम्मान में स्व लिखित कविताओं के माध्यम से मातृ भाषा का प्रचार प्रसार कर रही हैं,संविधान को सरल भाषा में कविता के माध्यम से आम जनता को परिचित कराने का कार्य बखूबी से निभा रही हैं,नारी शोषण के विरूद्ध आवाज उठाती है एवं नारी शक्ति को स्वावलंबन बनाने में योगदान दे रही हैं!
नारी शक्ति को प्रोत्साहित करती रहती है!
गरीब अनाथ असहाय लोगों की सहायतार्थ हमेशा तत्पर रहती हैं!
शिक्षा के क्षेत्र में भी गरीब बच्चों को कॉपी-किताब देकर उन्हें शिक्षा से जोड़े रखने का कार्य भी कर रही हैं!

राकेश मिश्रा ने ‘’ बताया कि इस काम को संघर्षपूर्ण करने के लिए मैंने अपनी व्यक्तिगत चीजों को बेच दिया है।मेरी कोशिश है कि मैं इस काम को अपने बलबूते करूं,ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक हों।पेड़ लगाने के अलावा राकेश मिश्रा ‘पर्यावरण के लिये युद्ध’ नाम से एक मुहिम भी शुरू कर चुके हैं।इस मुहिम के तहत वो लोगों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह सभाएं आयोजित कर रहे हैं,साथ ही वो नुक्कड़ नाटकों के जरिये भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं,राकेश ने पहाड़ों में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ माफियाओं के विरूद्ध अभियान शुरू किया है।इस वजह से उन पर दो बार जानलेवा हमले भी हो चुके हैं।वो बताते हैं कि पहाड़ों में खनन की वजह से पहाड़ काटे जा रहे हैं जिस कारण पेड़ भी कट जाते हैं। इससे पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है।

राकेश ने बताया कि जब उन्होंने इन आंदोलन को शुरू किया था तो लोग उनका मजाक बनाते थे,लोग उन्हें पागल कहते थे,लेकिन धीरे धीरे लोगों ने उनके काम को समझा और कुछ हद तक उन्हें लोगों ने सपोर्ट भी किया,लेकिन मिश्रा ने वृक्षारोपण का कार्य सर्दी,गर्मी और बारिश में जारी रखा,नतीजा 4 माह में सामने आने लगा कि मिश्रा के पैरों में गर्मी की तपती सड़कों पर चलने से छाले पड़ गए,अब कड़े संघर्ष में काम थोड़ा धीरे धीरे चला,मिश्रा को कई राजनैतिक दलों के नामी लोगों ने अपने छल कपट से बहकावे में लेकर झूठे आश्वाशन दिए कि तुम्हारा संकल्प 10 दिन में पूरा करवा देंगे,तुम्हारी मदद करेंगे लेकिन किसी ने मिश्रा की मदद नहीं कि,लेकिन मिश्रा अपने सवा लाख वृक्ष लगाने के मिशन को 5 जून 2017 को सम्पूर्ण कर देश में फिर से पर्यावरण की स्थिति को सुधारने के लिए “पर्यावरण बचाओ भारत यात्रा” एक आंदोलन रूपी अभियान शुरू कर चुके हैं,इस आंदोलन में मिश्रा इस बार सवा करोड़ वृक्ष लगाने का कार्य अपने कंधों पर लेकर चल रहे हैं,मिश्रा इस अभियान को लोगों तक लेकर जाते हैं और मदद माँगते हैं,लेकिन मिश्रा के इस अनूठे संकल्प को देखकर भी लोगों का दिल नहीं पसीजता,लेकिन कुछ लोगों ने इस संकल्प को समझा और वो मिश्रा के इस संकल्पमयी आंदोलन में मिश्रा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ हैं,जिनमें हैं बड़ी बहन व मार्गदर्शक श्रीमती निर्मला राव जी,जीजाजी श्री पूरण राव जी(फाउंडर & डायरेक्टर-सत्यमेव न्यूज़),डॉ.अनिल जैन जी,प्रशान्त भट्ट जी,नया सवेरा संस्था सदस्य अलख मिश्रा,शुभम सोनी,भास्कर शर्मा जी,वीरेन्द्र सूद जी,मनीष शर्मा जी,दिलीप जैन जी,पायल वर्मा जी आदि मौजूद हैं,अब फिलहाल अपने पर्यावरण प्रेम के अनूठे संकल्प को मिश्रा विश्व स्तर पर ले जाने के लिए सवा करोड़ पेड़ लगाने और देशभर में लोगों को जागरूक करने का संकल्प ले कर जन जागरण अभियान चला रहे हैं,10 फरवरी से वृक्षारोपण का मिशन शुरू होने जा रहा है,मिश्रा अपनी पर्यावरण को सुरक्षित करने की यात्रा को राजस्थान प्रदेश के जयपुर जिले की विराटनगर तहसील से शुरू कर देश के हर राज्य में जा जाकर वृक्ष लगा कर सम्पूर्ण करेंगे व देश वासियों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जागरूक करने का यह संकल्पित अभियान है!

“पर्यावरण बचाओ भारत यात्रा” देशव्यापी आंदोलन के लिए मिश्रा अब तक जिन व्यक्तियों से मिलकर इस आंदोलन का पोस्टर विमोचन करवा चुके हैं व इन सभी ने आंदोलन में अपना अपना सहयोग देने की बात कही है,जिनमें हैं पर्यावरण मिनिस्टर श्री हर्ष वर्धन जी,श्रीमती संगीता जेटली जी(धर्मपत्नी वित्त मंत्री अरुण जेटली),भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू जी,आर.एस.एस. के गोलक बिहारी राय जी,हेल्थ केबिनेट मिनिस्टर जे.पी.नड्डा जी,केबिनेट मिनिस्टर स्वतंत्र प्रभार रीता बहुगुणा जोशी जी,दया शंकर जी भाईसाहब उत्तरप्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा,संयुक्ता भाटिया जी लखनऊ उत्तरप्रदेश महापौर,उत्तराखंड फाइनेंस मिनिस्टर प्रकाश पंत जी,उत्तराखण्ड भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट जी आदि!

जल्द ही मिश्रा की जीवनी पर आधारित लघु फ़िल्म बनने जा रही है,मिश्रा इस लघु फ़िल्म को जन जन तक पहुँचाना चाहते हैं,यह फ़िल्म पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के साथ साथ पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर बनाई जा रही है-

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