मिशन मीरा के तहत महिला द्वारा महिलाओं के लिए उदयपुर में ई-रिक्शा

Mission Meera

श्रीनाथजी सेवा संस्थान की ओर से मिशन मीरा के तहत उदयपुर, राजस्थान में महिलाओं को ई-रिक्षा का परीक्षण दिया जा रहा है. ताकि महिलाऐं आत्म निर्भर होकर आर्थिक रूप से सक्षम हो सके.

श्रीनाथजी सेवा संस्थान और प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा उदयपुर में मिशन मीरा प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई. मिशन मीरा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं द्वारा महिलाओं की सुरक्षा करना है. मिशन मीरा के तहत महिओलाओं को ई-ऑटोरिक्शा प्रदान किया जायेगा.

ई-ऑटोरिक्शा के संचालन और चलने का प्रशिक्षण भी श्रीनाथजी सेवा संस्थान और प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा दिया जाता है. मिशन मीरा के तह महिलाओं महिला रोजगार के लिए जून 17 में प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण के लिए तीसरे बैच को ई-रिक्शा चलने के लिए शुरू किये गए बैच का उद्घाटन उदयपुर के जिला कलेक्टर ने किया. इस अवसर पर मिशन मीरा के प्रोजेक्ट संचालक और प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. मन्ना लाल रावत, श्रीनाथजी सेवा संस्थान की अध्यक्ष साधना खथुरिया, जिले प्रमुख अधिकरीगण और नागरिक मौजूद थे. इस समारोह में पुराने बैच में प्रशिक्षित 25 महिलाओं को भी प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र और ई-रिक्शा चलाने के लाइसेंस प्रदान किये गए.
अशोक लीलैंड की अशोक लीलैंड वाहन चालक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा रेलमगरा, उदयपुर में महिलाओं को ई-रिक्शा और कार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है.
इसमें घरेलु महिओलाओं को श्रीनाथजी सेवा संस्थान द्वारा ई-रिक्शा के लिए मिशन मीरा में शामिल करने के लिए उदयपुर शहर की दस बस्तियों में सर्वे करवाया गया. सर्वे में महिलाओं को मिशन मीरा से वागत करवाया गया और इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया. मिशन मेरा उदयपुर के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी डॉ. मन्ना लाल रावत द्वारा प्रारंभ किया गया है ताकि महिलाओं को रोजगार मिल सके और महिलाओं के परिवहन के लिए महिला रिक्शा चालक उपलब्ध हो से. श्रीनाथजी सेवा संस्थान की अध्यक्ष साधना खथुरिया ने अपनी टीम के साथ मिलकर मिशन मीरा को मूर्त रूप देने की शुरुआत की जिसके तहत उदयपुर में मिशन मीरा परियोजना कार्यरूप में एक अनुकरणीय परियोजना के रूप में सामने आई है.

पौधारोपण

बूंदी. पर्यावरण जाग्रति अभियान के तहत हाडौती पर्यावरण एवं भूमी सुधार संस्थान द्वारा बुन्दी में जनचेतना और वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में चेतन मीणा और संसथान के युवा सदस्यों ने वृक्षारोपण किया. हाडौती पर्यावरण एवं भुमी सुधार संस्थान के द्वारा नीम के पौधे लगवाकर राजस्थान के हाडौती क्षेत्र में पर्यावरण विकास और संरक्षण के तहत जाग्रति अभियान के दौरान वृक्षारोपण कार्यक्रम को निरंतर आगे बढाने के अभियान की शुरुआत की गई.

डे -केयर वरिष्ट नागरिक सेवा केन्द्र प्रारंभ

हंडिया (इलाहबाद).सामजिक न्याय विभाग हरदा द्वारा वरिष्ट नागरिको हेतु तहसील हंडिया में डे -केयर वरिष्ट नागरिक सेवा केन्द्र प्रारंभ किया गया जिसका संचालन आरीओला प्रकाश पुंज समिति को दिया गया डे केयर खुलने का समय १० बजे से शाम ६ बजे तक का रहेगा उक्त जानकारी समिति सचिव अंजू खान ने दी

Celebration of life event organised

Sahibabad. Celebration of life-1, A social event by Good Enough Foundation, held at Ramraj Seva Sansthan (Trust) Orphanage Sahibabad on Sunday, the 30 th July.
Celebration of life -1 (July 2017 ) – This event was a birthday celebration for the children of this orphanage which included cake cutting ceremony of all children in a fun and frolic atmosphere.

Children enjoyed the music, dance and doing fun, playing musical based games, a surprise element for them, was character of spider man who met them and played with them well as shared awareness messages,event concluded with birthday based meal and distribution of gifts to all.

 

हिमाचल में महिलाओं ने संभाली गांजे से नशा-मुक्ति अभियान की कमान

शिमला. हिमाचल प्रदेश में नशा-विरोधी और नशा-मुक्ति अभियान के समर्थन में राजधान शिमला के रामपुर इलाके की महिलाओं ने गांजे की खेती नष्ट करने का अभियान शुरू किया है. इन औरतों सहित दर्जनों गांववाले रामपुर के इन खेतों में इकट्ठे होकर गांजे के पौधे उखाड़ दिए.
इस अभियान में शामिल स्थानीय लोग नशे के कारण युवाओं की बद से बदतर होती हालत को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने आने वाले समय में भी यह अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है क्योंकि यहां के युवाओं में दिन पर दिन नशे की आदत बढ़ती जा रही है.
एक स्थानीय कांता देवी ने बताया कि उन्होंने अपने सामने युवाओं को नशे के चक्कर में अपनी जिंदगी बर्बाद करते देखा है, इसी कारण उन्होंने इस इलाके को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराने का फैसला लिया है. कांता की तरह ही एक और स्थानीय मीना कुमारी से बात हुई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने गांजे के खेती इसलिए नष्ट की ताकि लोग इसका नशे के लिए उपयोग न कर सकें. नशे की लत हिमाचल के ग्रामीण इलाकों की युवा पीढ़ी के भविष्य को बर्बाद कर रही है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल्लू जिले में गांजे की खेती मलाणा, कसौल और दूसरे ऊपरी इलाकों में ज्यादा होती है, जबकि जम्मू-कश्मीर के डोडा इलाके की सीमा से सटे चंबा जिले में मुख्य रूप से केहर, तिस्सा और भरमौर जैसे दूर-दराज के हिस्सों में इसकी खेती की जाती है.
(Source: indiatimes.com)

नशा मुक्ति अभियान के तहत भिवानी में निकाली गई जनजागरूकता रैली

भिवानी. नशा मुक्ति को लेकर स्वास्थ्य विभाग हरियाणा ने नई पहल शुरू करते हुए हर जिला स्तर पर टीमें गठित कर अभियान शुरू कर दिया है. यूनाईटेड नेशन द्वारा शुरू किये गये एंटी ड्रग अभियान के तहत भिवानी में जुलाई में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से नशा मुक्ति अभियान चलाया गया.
इसके तहत भिवानी में रेड क्रॉस सोसायटी भिवानी व सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति रैली निकाली गई, जिसमें स्कूल व कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने हाथों में झंडे-बैनर लेकर शहर के प्रमुख चौराहों से गुजरते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया.
इस चेतना रैली में डॉ. सुमन व प्रोडक्शन ऑफिसर डॉ. मनोज ने बताया कि, नशे की प्रवृत्ति से बचने के लिए न केवल नशा विरोधी नियमों का पालन करना चाहिए, बल्कि अभिभावकों को विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि वे नशे की तरफ आकर्षित न हों. इसके लिए अभिभावकों को बच्चों की प्रवृत्ति का ध्यान रखते हुए उनकी बात सुननी चाहिए. वहीं, बच्चों को भी यह चाहिए वे अपने माता-पिता से हर तरह की समस्या को साझा करें, ताकि वे अवसाद ग्रस्त होकर नशाखोरी की तरफ अग्रसर होने से बच सकें.
भिवानी के सिविल सर्जन अधिकारी के अनुसार इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक स्थलों पर नशीले पदार्थो के सेवन करने वालों के खिलाफ एंटी ड्रग टीम तैयार की है, जो छापेमारी कर सार्वजनिक स्थलों पर बीड़ी, सिरगेट, तम्बाकू, शराब का सेवन करने वाले लोगों की धर-पकड़ करने के साथ ही उनके चालान भी काट रही है. वहीं, दूसरी टीम ड्रग कंट्रोल ऑफिसर की अगुवाई में अवैध रूप से युवाओं को नशा बेचने वाले स्थानों पर छापेमारी कर गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करने के लिए लगाई गई है, जो मैडिकल हॉल, गुपचुप तरीके से मादक पदार्थ स्टोर करने व बेचने वालों पर नजर रख रही है.
गौरतलब है कि जुवेनाईल एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, शराब आदि बेचना कानूनन अपराध है. इस बात को लेकर भी टीम विशेष रूप से सतर्क होकर अपनी निगरानी बढ़ाएगी.

(Source: eenaduindia.com)

अमृतसर में प्रशासन ने शुरू किया नशा मुक्ति अभियान

अमृतसर. लोहड़ी के त्योहार पर जिला प्रशासन की ओर से नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की. डीसी रजत अग्रवाल ने इस अवसर पर जिला पुलिस, सेहत और मेडिकल कालेज के अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन करके नशा मुक्ति अभियान को सख्त व सफलता से लागू करने की हिदायतें जारी की.
अग्रवाल ने अधिकारियों को कहा कि अमृतसर को प्रदेश सरकार की ओर से पवित्र व नशा मुक्त नगरी घोषित किया जा चुका है. यहां पर किसी भी तरह के नशा का उपयोग को सख्ती से बंद करवाना अब समय की जरूरत है. नशा बेचने वालों के खिलाफ मुहिम को बढ़ चढ़ कर चलाया जाए. मकबुल पुरा क्षेत्र जो नशा का केेंद्र रहा है उस की तरफ विशेष ध्यान दिया जाए. उन्होंने हिदायत दी कि इस अभियान में एनजीओ का भी सहयोग लिया जाए. इस अवसर पर सिविल सर्जन यश मित्रा आदि भी मौजूद थे.

भिवानी पुलिस का नशा मुक्ति अभियान का आयोजन

भिवानी : भिवानी में नेता सुभाष चन्द्र बॉस युवा जागृत सेवा समिति, नया सवेरा समिति जेवली, युवा जागृति एवं जनकल्याण मिशन ट्रष्ट, जयहिंद मंच व साई कराटे डू एसोसिएशन द्वारा बाढड़ा थाने में नशा जहर है पर सेमिनार, नुक्कड़ सन्देश व संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने की. जागरूक अभियान में स्वागत अध्यक्ष थाना प्रभारी एस.एच.ओ. सूरजभान रहे. समारोह में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय युवा पुरस्कार अवार्डी अशोक भारद्वाज, जयहिंद मंच के राष्ट्रीय महासचिव नवीन जयहिंद व समाजसेवी रमेश सैनी ने शिरकत कर युवाओं को जागरूक किया.
नशा मुक्त भारत अभियान का तीसरा चरण नशा मुक्त चरण सामाजिक संगठनों के साथ शुरू किया. जिसमें समीप के 13 गांवों के युवाओं ने समारोह में संकल्प लिया कि वे जीवन में न तो नशा करेंगे और न ही नशा करने देंगे. वे नशा करने वाले लोगों को नसीहत देेंगे.समारोह में नशा छोड़ने वाले व नशे के प्रति जागरूकता लाने वाले युवाओं को समिति द्वारा सम्मानित किया गया. समारोह में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे अध्यक्ष बालयोगी महंत चरणदास महाराज, थाना प्रभारी सूरजभान व भिवानी थाना से पुलिस अधिकारी सावन कुमार, जयहिंद मंच के राष्ट्रीय महासचिव नवीन जयहिंद ने कहा कि नशे की बुराई सभी सामाजिक बुराई में सबसे बड़ी बुराई है.
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रयास होना चाहिए जिससे किसी का जीवन बच सके. समाज में बदलाव लाने के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना होगा, तभी इन बुराइयों को खत्म कर सकते हैं. आज हमारे सामने युवाओं के नशे का शिकार होना एक सबसे बड़ी सामाजिक समस्या पैदा हो रही है जो कल के होने वाले देश के जांबाज कर्णधार हैं. आज वही सबसे ज्यादा नशे के शिकार हैं. आज देश धर्म नौजवानों की जरूरत है यदि नशा रहा तो देश को ताकतवर भी नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र को बर्बाद कर देता है. इसलिए युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाकर रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है. युवा वर्ग नशे की दलदल में फंसने से बचे और शिक्षा खेलों की ओर ध्यान लगाएं.
(Source: punjabkesari.in)

नशामुक्ति के लिए पुलिस का ‘साहस’अभियान

रतलाम.नशामुक्ति के प्रति जागरूकता के लिए पुलिस की नारकोटिक्स विंग ने प्रदेश में अभियान शुरू किया है. अभियान के पहले चरण में शहर के स्कूल, कॉलेज, अस्पताल तथा सार्वजनिक स्थानों पर अब तक 56 मल्टीकलर पोस्टर लगाए हैं.
एएसपी गोपाल खांडेल ने बताया एडीजी नारकोटिक्स वरुण कपूर ने नशा और नशे से व्याप्त सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जनजागृति अभियान ‘साहस’ शुरू किया है. प्रथम चरण में नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने संबंधित पोस्टर लगवाए हैं. आगामी दिनों में अभियान के तहत जनजागृति के लिए चित्र प्रदर्शनी, परचे वितरण, फिल्म प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक तथा रैली का आयोजन भी किया जाएगा. कार्यक्रमों में सामाजिक संस्थाओं को भी सहभागी बनाएंगे.

(Source: bhaskar.com)

Australian embassy, NGO launch reading program for kids

The Australian High Commission has undertaken an initiative called the Direct Aid Programme (DAP) with the objective to help people who are below the poverty line.
The Australian High Commission, in collaboration with a Delhi based NGO, Katha, on Thursday, launched a programme to inculcate reading habits among underprivileged children in Delhi. The programme- ‘I love reading’ will be imparting education to young children by providing colourful books.

The Australian High Commission has undertaken an initiative called the Direct Aid Programme (DAP) with the objective to help people who are below the poverty line. The joint initiative by the High Commission and the Delhi based NGO aims to reach out to three million children and provide basic education to them. According to the officials, they are focusing primarily on various primary schools of India.

The NGO has printed and distributed culturally and gender sensitive reading books to the municipal schools and community libraries in Delhi and Rajasthan, because they believe such colourful books can attract more children towards education.

“We have a number of development objectives as a part of DAP. Education and literacy is one of the key objectives of the programme. The way this NGO is delivering literacy through a very unusual manner,” said Australian High Commissioner Harinder Sidhu.

As per the report published by UNESCO in September 2016, nearly 50 per cent of children in India are deprived of education. Statistics show that with an estimated 300 million children, only 150 million are fortunate enough to receive basic education.

“The objective of DAP is to maximize the impact in a particular field be it education or women empowerment. This organisation, we have been supporting for the last two three years have successfully delivered literacy to a million of students. We have an ambitious goal of reaching the remaining 150 million students in India,” she added.

स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम

महान सेवा संसथान उदयपुर जिलाधीश महोदय, CEO सर व जिलाप्रमुख जी Wells for India के country Director ओमप्रकाश जी के साथ स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत निर्मित IEC सामग्री का विमोचन किया गया.

 

 

 

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